सीएम हेल्पलाइन 10760 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन
राजनांदगांव, 25 मई 2026/sns/- शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं से संबंधित जनमानस से प्राप्त शिकायतों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किये जाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणालीÓ के रूप में ऐसी व्यवस्था विकसित की गई है, जहां जनता की आवाज सीधे शासन तक पहुंचेगी। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की उपस्थिति में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में ‘सीएम हेल्पलाइन 1076Ó के प्रभावी क्रियान्वयन, शिकायतों के समयबद्ध निराकरण तथा जमीनी स्तर पर सुचारू संचालन सुनिश्चित किये जाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन उपस्थित रहे। विकासखंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े रहे। कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन के फीडबैक के तौर पर प्रक्रियाओं के पालन के लिए उपयोगी एवं कारगर साबित होगी। मुख्यत: जनमानस से प्राप्त विभिन्न प्रकार के शिकायतों के निराकरण की प्रणाली जिनमें सीएम जनदर्शन, जनदर्शन, पीजी पोर्टल, पीजीएन, जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन्हीं सभी शिकायतों के समेकित स्वरूप में सीएम हेल्पलाईन होगी। उन्होंने कहा कि जनमानस की सेवा की दिशा में यह एक अभिनव पहल है।
कलेक्टर ने कहा कि सुशासन सरकार में इसके लिए प्रतिक्रिया आधारित एक मजबूत और जवाबदेह फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि हर शिकायत का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। लोगों को शासन तक सीधी पहुंच की सुविधा मिलेगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और शासन-प्रशासन की सेवाएं अधिक सशक्त बनेंगी। सीएम हेल्पलाईन संजीवनी की तरह कार्य करेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संवेदनशीलता, तत्परता एवं सक्रियता से जनमानस की समस्याओं का निराकरण करें। इसमें जनसामान्य के शिकायतों के बाद मिले फीडबैक का भी रिकार्ड रखें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस प्रशिक्षण में अपनी जिज्ञासाओं एवं प्रश्रों का अच्छी तरह समाधान करें। शिक्षा, पुलिस, पंचायत अन्य विभाग जहां स्टॉफ अधिक हैं, वहां सजगतापूर्वक शिकायतों के निराकरण के लिए प्रतिबद्ध टीम बनाएं। जिले में सीएम हेल्पलाईन के बेहतरीन क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारी अच्छा कार्य करेंगे। जिस तरह से सभी अधिकारियों ने ई-ऑफिस सीख लिया है, इसी तरह एक नए कार्यप्रणाली को अपनाएं और अच्छी तरह सीखें। देश के 14 राज्यों में यह व्यवस्था लागू है। कुछ चुनौतियां आएगी, लेकिन सीखते हुए उनका निराकरण करते हुए आगे बढ़ें।
सीएम हेल्पलाइन सुशासन अभिसरण विभाग के सलाहकार श्री आरएस शर्मा ने बताया कि सीएम हेल्पलाईन अंतर्गत शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता का फीडबैक लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नागरिकों का फीडबैक इस पूरी प्रणाली की सबसे बड़ी ताकत है। समाधान होने के बाद संबंधित नागरिक से सीधे संपर्क कर उसकी प्रतिक्रिया ली जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि समस्या का वास्तव में समाधान हुआ है या नहीं। व्यक्ति अगर समाधान से संतुष्ट होता है, तभी शिकायत का पूर्ण निराकरण माना जाएगा। लेकिन यदि कोई असंतुष्ट है तो शिकायत स्वत: सक्रिय हो जाएगी। सीएम हेल्पलाइन के प्रावधान, संचालन एवं समस्याओं के निराकरण किये जाने हेतु प्रेजेन्टेशन के माध्यम से जिला स्तरीय अधिकारियों को विस्तार पूर्वक प्रशिक्षण दिया गया।
सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ श्री सौरभ श्रीकांत ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली के तहत प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 सहित वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप जैसे आधुनिक मल्टी चैनल किसी भी माध्यम से कॉल करके, 24*7 अपनी शिकायत आसानी से दर्ज करा सकता है। शिकायत दर्ज होते ही उन्हें एक विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी। जिसके माध्यम से शिकायतकर्ता को अपनी शिकायत की पूरी स्थिति किस विभाग में, किस अधिकारी के पास लंबित है और कार्यवाही हुई या नहीं, इसके साथ ही समाधान में कितना समय लगेगा इसके बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी। शिकायत दर्ज होने के बाद उसे संबंधित विभाग और अधिकारी तक तुरंत पहुंचाया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ी होगी। जिसमें हर स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और शिकायतों के अनावश्यक लंबित रहने की संभावना नहीं होगी। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। रियल टाइम मॉनिटरिंग की इस व्यवस्था से प्रशासन अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और सक्रिय बनेगा। जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का तेजी से निराकरण सुनिश्चित होगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम श्री गौतम पाटिल सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।