वीबी-जीराम जी के तहत जिले में विकास कार्यों की तैयारी शुरू


रायगढ़, 28 मई 2026/sns/- ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाले “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अर्थात वीबी-जीराम जी अधिनियम 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर रायगढ़ जिले में व्यापक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिला प्रशासन द्वारा सभी ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकताओं, प्राकृतिक संसाधनों और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार विकास कार्यों की पहचान एवं प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
केंद्र सरकार द्वारा अधिनियम अंतर्गत अनुमेय 318 प्रकार के विकास कार्यों की अंतरिम सूची जारी की गई है, जिसके आधार पर जिले में जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, कृषि उत्पादकता वृद्धि और आजीविका संवर्धन से जुड़े स्थायी कार्यों को प्राथमिकता देने की रणनीति बनाई जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती प्रदान करना है। रायगढ़ जिले में बढ़ती जल चुनौती और भूजल संरक्षण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वीबी-जीराम जी के अंतर्गत जल संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। प्रस्तावित कार्यों में तालाब गहरीकरण एवं पुनर्जीवन, चेकडैम निर्माण, खेत तालाब, परकोलेशन टैंक, रिचार्ज पिट, रिचार्ज शाफ्ट, वर्षा जल संचयन संरचनाएं तथा नाला उपचार जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
जिला प्रशासन इन गतिविधियों को “जल शक्ति जनभागीदारी अभियान” सहित अन्य स्थानीय अभियानों से जोड़कर जनसहभागिता बढ़ाने की दिशा में भी कार्य कर रहा है, ताकि जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। इसके साथ ही ग्रामीण अधोसंरचना विकास को गति देने के लिए ग्रामीण संपर्क मार्ग, पुलिया निर्माण, क्रॉस ड्रेनेज संरचनाएं, जल निकासी व्यवस्था, सामुदायिक उपयोग की आधारभूत सुविधाएं एवं ग्रामीण पथ सुधार से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता सूची में रखा गया है। इन कार्यों से ग्रामीणों को दीर्घकालीन सुविधा मिलने के साथ कृषि एवं आजीविका गतिविधियों को नई मजबूती प्राप्त होगी।
पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वृक्षारोपण, एग्रो-फॉरेस्ट्री, सड़क एवं नहर किनारे पौधरोपण, सामुदायिक भूमि पर हरित विकास कार्य तथा बांस आधारित पौधारोपण अभियान भी बड़े स्तर पर संचालित किए जाएंगे। इससे न केवल पर्यावरणीय संतुलन मजबूत होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
जिला प्रशासन द्वारा सभी ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया गया है कि वे स्थानीय मांग, उपलब्ध संसाधन, जलवायु परिस्थितियों और जनआवश्यकताओं के आधार पर विकास कार्यों का चयन करें। पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों, तकनीकी अमले और ग्रामीणों की सहभागिता से लगातार बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, जहां गांवों की प्राथमिक जरूरतों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में जिले में सभी आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक तैयारियां तेज गति से जारी हैं और 1 जुलाई 2026 से अधिनियम लागू होने के साथ ही स्वीकृत कार्यों का चरणबद्ध क्रियान्वयन प्रारंभ कर दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से ग्राम सभा एवं पंचायत बैठकों में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा है कि ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और रोजगार सृजन के लक्ष्यों को सामूहिक प्रयासों से ही सफल बनाया जा सकता है। वीबी-जीराम जी योजना आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास, बेहतर जल प्रबंधन और मजबूत आजीविका का नया आधार बनेगी।

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