किस्ताराम और सिंदूरगुड़ा में लगा सुशासन शिविर
सुकमा, 29 मई 2026/sns/- विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा चलाया जा रहा सुशासन तिहार अब दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। गुरुवार को सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत किस्ताराम और सिंदूरगुड़ा में आयोजित शिविरों का महिला आयोग सदस्य दीपिका सोरी ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर में मौजूद ग्रामीणों से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और शासन की जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर संतोष व्यक्त किया। दूर-दराज के ग्रामीणों में शिविर को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। सुशासन तिहार के माध्यम से ग्रामीणों को अब छोटे-बड़े सरकारी कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। शिविर में मौके पर ही जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र वितरित किए गए, जिससे ग्रामीणों के चेहरे खुशी से खिल उठे। महिला आयोग सदस्य सुश्री दीपिका सोरी ने स्वयं छोटे बच्चों को जन्म प्रमाण पत्र सौंपे और कहा कि राज्य सरकार प्रशासन को गांव-गांव तक पहुंचकर आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रही है। इससे ग्रामीणों के समय और धन दोनों की बचत हो रही है।
शिविर केवल प्रशासनिक सेवाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता का भी उत्कृष्ट उदाहरण बना। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोद भराई रस्म संपन्न कराई गई, वहीं कई बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी उत्साहपूर्वक कराया गया। इन आयोजनों ने ग्रामीण परिवेश में आत्मीयता और विश्वास का माहौल तैयार किया। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थय एवं पोषण को लेकर शासन की प्रतिबद्धता भी इस दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
ग्रामीणों ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार प्रशासन उनके द्वार तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है, जिससे लोगों में सरकार के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। दूरस्थ क्षेत्रों में इस तरह के शिविर न केवल प्रशासनिक सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि विकास और जनकल्याण की नई तस्वीर भी प्रस्तुत कर रहे हैं।