मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन मॉडल से बढ़ा नागरिकों का भरोसा
सुकमा, 29 मई 2026/sns/- विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा चलाया जा रहा सुशासन तिहार अब दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। ग्रामीणों को शत-प्रतिशत जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए सुकमा जिले के समस्त गांवों में श्बस्तर मुन्ने व सुशासन तिहारश् का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में 30 अप्रैल से शुरू हुए इन शिविरों ने ग्रामीण इलाकों में विकास की नई इबारत लिखी है। शिविरों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि खुद कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ सुदूर गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से रूबरू हो रहे हैं और उनकी समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। प्रशासन के इस संवेदनशील और सक्रिय रुख से ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
इन विशेष शिविरों में सभी विभागों का मैदानी अमला और जिला स्तरीय अधिकारी एक ही छत के नीचे मौजूद रहकर जनता के काम कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल गई है। अब तक इस अभियान के तहत विभिन्न विभागों द्वारा बड़े पैमाने पर सेवाएं प्रदान की गई हैं। स्वास्थय विभाग द्वारा रिकॉर्ड 1013 लोगों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, 114 आयुष्मान कार्ड और 370 से अधिक लोगों को दवा वितरण का लाभ दिया गया है। वहीं खाद्य विभाग ने 414 राशन कार्ड और राजस्व विभाग ने बड़ी संख्या में जाति, निवास व जन्म प्रमाण पत्र जारी किए हैं। इसके साथ ही पंचायत विभाग द्वारा जॉब कार्ड, शौचालय निर्माण और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को नए पक्के मकानों की चाबियां सौंपी जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों का अपने घर का सपना साकार हो रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस तिहार में सामाजिक सरोकार और पोषण को बढ़ावा देने में अद्भुत सफलता हासिल की है। शिविरों के माध्यम से श्सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0श् के तहत 8,742 ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया है। साथ ही 28,886 महिलाओं का महतारी वंदन योजना के तहत ई-केवाईसी का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ तेजी से पूरा किया गया है। विभागीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए शिविरों में 826 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और 907 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार पूरी आत्मीयता से कराया गया। इसके अतिरिक्त कृषि, श्रम और ई-गवर्नेंस (नया डिजिटल कार्ड पंजीकरण) जैसी योजनाओं के जरिए हजारों ग्रामीणों को मौके पर ही सीधे लाभान्वित कर सुकमा प्रशासन ने सुशासन की परिभाषा को धरातल पर सच कर दिखाया है।