1 जून से चलेगा सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों का विशेष पुनर्वास अभियान
बीजापुर, 02 जून 2026/sns/- महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बीजापुर द्वारा सड़क, बस स्टेशन, हॉटबाजार एवं असुरक्षित परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास हेतु “Children in Street Situation – CiSS” विशेष अभियान 1 जून 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया जाएगा।
‘‘बचपन को सड़क नहीं, सुरक्षित भविष्य चाहिए‘‘- कलेक्टर के निर्देशन में आयोजित इस एक माह के विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास की मुख्यधारा से जोड़ना है। अभियान के तहत बाल श्रमिक, भिक्षावृत्ति में लिप्त, अपशिष्ट संग्राहक एवं परिवार से अलग रह रहे बच्चों का तत्काल रेस्क्यू किया जाएगा।
क्या होंगी प्रमुख कार्यवाहियाँ
1. पहचान एवं रेस्क्यूः सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल बाल कल्याण समिति ( CWC ) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
2. पुनर्वासः बच्चों को बालगृह/आश्रय गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
3. परिवार से मिलन: संभव होने पर परिवार पुनर्स्थापन एवं आवश्यक होने पर दीर्घकालिक पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।
4. संरक्षणः बाल श्रम, शोषण, यौन उत्पीड़न एवं मानव तस्करी से बच्चों को बचाने हेतु पुलिस, श्रम, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त कार्यवाही होगी।
चिन्हांकन की पंचशक्ति से होगा गाँव-गाँव सर्वेक्षण – जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास ने बताया, इस अभियान की सफलता जमीनी अमले पर निर्भर है। इसलिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं बीजादूतिर स्वयंसेवकों को चिन्हांकन की पंचशक्ति के रूप में जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी अपने क्षेत्र में दिन-रात सड़क/बाजार में घूमने वाले, अकेले रहने वाले या भिक्षावृत्ति/कचरा बीनने में लगे बच्चों की सूचना तत्काल देंगे।
जिला प्रशासन की अपीलः एक कॉल बदल सकती है तकदीर- प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई बच्चा सड़क, बस स्टेशन, हॉटबाजार अथवा असुरक्षित परिस्थितियों में दिखाई दे तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। हर बच्चे को मिले सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान -यही हमारा संकल्प, यही अभियान के ध्येय के साथ चलने वाला यह अभियान विकसित छत्तीसगढ एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लक्ष्यों को भी मजबूती देगा।