विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग का हरित संदेश न्यायालय परिसर में हुआ व्यापक वृक्षारोपण
दुर्ग, 05 जून 2026/sns/- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के परिपालन में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा विभिन्न पर्यावरणीय एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर, दुर्ग तथा जिला अधिवक्ता संघ परिसर में व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में न्यायाधीशगण, जिले से चयनित स्टेट बार काउंसिल के सदस्य, अधिवक्तागण, न्यायालयीन अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। सभी ने पौधारोपण कर हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण हेतु अपने दायित्वों के निर्वहन का संदेश दिया। जिसमें आम, नीम, बादाम, जामुन, चमेली सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम की विशेषता न्यायपालिका, अधिवक्ता समुदाय एवं न्यायालयीन कर्मचारियों के मध्य दिखाई देने वाला पारस्परिक सम्मान एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण रहा। न्यायालय परिसर में उपस्थित सभी वर्गों ने एक परिवार की भाँति मिलकर पौधारोपण किया, जिससे पर्यावरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता, न्यायालय परिवार की एकता एवं सहयोग का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत हुआ, जिसने आयोजन को और अधिक गरिमामय एवं सफल बनाया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा पैरालीगल वालेंटियर्स के सहयोग से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन विषयक जनजागरूकता शिविरों एवं कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के महत्व के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा जनसामान्य को जागरूक करने हेतु पर्यावरण संरक्षण संबंधी पाम्पलेट, बैनर, पोस्टर एवं अन्य प्रचार-प्रसार सामग्री का वितरण किया गया। साथ ही न्यायालय परिसर एवं अन्य उपयुक्त स्थलों पर पर्यावरण संरक्षण से संबंधित जागरूकता गतिविधियाँ संचालित कर लोगों को प्रकृति के संरक्षण हेतु प्रेरित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने आमजन से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण एवं पर्यावरण हितैषी गतिविधियों में सहभागिता कर भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित पर्यावरण के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।