कुम्हली में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित
मोहला, 5 जून 2026/sns/-सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनपद पंचायत मोहला के ग्राम पंचायत कुम्हली में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं, मांगें एवं सुझाव प्रशासन के समक्ष रखा। अधिकारियों ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। कुम्हली क्लस्टर के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुम्हली, गिधाली, अड़मागोंदी, ककईपार, मटेवा, शेरपार, मुकादाह, मोहभट्ठा, हर्राटोला, कंगलूटोला एवं गोटाटोला सहित कुल 11 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने शिविर में शामिल हुए। शिविर में राजस्व, पंचायत, ग्रामीण विकास, कृषि, स्वास्थ्य, विद्युत, पेयजल तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मामलों के आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निराकरण की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ कर दी गई। शिविर को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। विभागीय अधिकारियों ने मंच के माध्यम से विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री लखन कलामे एवं श्री नरसिंह भंडारी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गेंदकुंवर ठाकुर, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री जी.आर. मरकाम तथा श्री मिथलेश डोंडे उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों में जनपद सदस्य श्री कनक नागवंशी, जनपद सदस्य श्रीमती सीता देवी कोमरे, क्षेत्र के सरपंचगण तथा श्री कमल तापड़िया, श्री राजू डोंगरे एवं श्री दुखी राम यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
- स्टालों से विभागीय योजनाओं की ली जानकारी, लाभान्वित हुए ग्रामीण
शिविर में विभागीय योजनाओं से संबंधित जानकारी एवं सेवा संबंधी स्टॉल भी लगाए गए, जहां ग्रामीणों को योजनाओं, पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्रदान की गई। शिविर में पीएम आवास की चाबी, राशन कार्ड वितरण, मेधावी छात्र छात्राओं को सम्मानित करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को मौके पर लाभान्वित किया गया।
सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच संवाद का सशक्त मंच तैयार हुआ है, जिससे ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।