दुर्ग संभाग के नवीन उर्वरक निरीक्षकों को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया
दुर्ग, 09 जून 2026/sns/- संचालनालय कृषि रायपुर के निर्देशानुसार संभागीय संयुक्त संचालक कृषि, दुर्ग द्वारा संभाग के नवीन उर्वरक निरीक्षकों का दो दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम क्षेत्रीय कृषि प्रसार एवं प्रशिक्षण संस्थान, रुआबांधा (दुर्ग) में आयोजित किया गया।
सहायक संचालक कृषि कार्यालय संयुक्त संचालक कृषि संभाग दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार 04 और 05 जून 2026 तक चले इस विशेष प्रशिक्षण में उपस्थित संभाग के 38 उर्वरक निरीक्षकों को श्रीमती गोपिका गबेल, संभागीय संयुक्त संचालक कृषि दुर्ग द्वारा प्रशिक्षण की महत्ता बताते हुए विभिन्न विषयों पर संक्षिप्त उद्बोधन दिया गया। उनके कार्यालय के सहायक संचालक कृषि श्री संजय कुमार डहरिया एवं श्री हेमन्त कुमार बघेल द्वारा उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण करने और नमूना लेने की विधि के संबंध में विस्तार से प्रस्तुतीकरण किया।
अग्रणी उर्वरक कंपनी ईफको, कृषको एवं आई.पी.एल. के राज्य एवं संभाग के विपणन अधिकारी द्वारा उर्वरकों की आपूर्ति की प्रक्रिया, कृषकों को उर्वरक पर देय अनुदान तथा दानेदार रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर नैनो उर्वरकों के उपयोग से होने वाले लाभ के बारे में अवगत कराया गया। विशेष प्रशिक्षक के रूप में आहूत श्री एन. के. दीक्षित (सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक कृषि) द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, उर्वरक (संचलन नियंत्रण) आदेश 1973 एवं उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के विभिन्न प्रावधानों (नियमों / खण्डों / धाराओं) से अवगत कराया गया। उनके अंतर्गत विहित रासायनिक, जैव / जैविक, नैनो आदि उर्वरकों के स्पेसिफिकेशन की जानकारी दी गयी। नमूना लेने की प्रक्रिया, विक्रय केन्द्रों के निरीक्षण एवं प्रावधानों के उल्लंघन किये जाने पर की संबंधित के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही किस प्रकार की जाती है इन सब के बारे में सविस्तारपूर्वक बताया गया।
प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी निरीक्षकों को निकटस्थ सेवा सहकारी समिति, कोड़िया एवं बोरीगारका का भ्रमण कराया गया। वहाँ उन्हें उर्वरक के रख-रखाव, स्टॉक मिलान और नमूना लेने की प्रक्रिया का जीवंत प्रदर्शन करके दिखाया गया। इसके बाद सभी प्रशिक्षुओं से स्वयं इन प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। अंत में प्रशिक्षु उर्वरक निरीक्षकों को उनके दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन की शुभकामनाओं के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम में उनकी सक्रियतापूर्वक सहभागिता हेतु उन्हें प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।