राजस्व प्रकरणों के निराकरण में जिले की बड़ी छलांग
मुंगेली, 20 जून 2026/sns/- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशन में जिले में राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितैषी बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिले ने राजस्व प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए महज एक माह में बटांकन के 50 हजार से अधिक प्रकरणों का निराकरण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कलेक्टर के कुशल मार्गदर्शन में मसाहती सर्वे के सफल संचालन हेतु विशेष कार्ययोजना बनाई गई। अनुविभाग स्तर पर सर्वे की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी मॉनिटरिंग करते हुए समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए, जिसके फलस्वरूप सर्वे में उल्लेखनीय प्रगति एवं सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए। नोडल अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री जी.एल. यादव ने बताया कि जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इससे आम नागरिकों को भूमि संबंधी मामलों में त्वरित राहत मिल रही है और राजस्व सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत हुआ है।
2020 से लंबित मसाहती सर्वे हुआ पूर्ण
अपर कलेक्टर ने बताया कि वर्ष 2020 से लंबित मसाहती सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा प्रकाशन की प्रक्रिया जारी है। जिले के 42 ऐसे ग्राम, जो पूर्व में राजस्व ग्राम घोषित हो चुके थे, उनके राजस्व अभिलेख तैयार नहीं होने से ग्रामीणों को खसरा एवं भू-नक्शा संबंधी जानकारी प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
प्रशासन द्वारा इस दिशा में विशेष पहल करते हुए सर्वे कार्य पूरा किया गया है। अब तक 04 ग्रामों का प्रारंभिक प्रकाशन किया जा चुका है, शेष ग्रामों का प्रकाशन का कार्य प्रगतिरत है। इसके पूर्ण होने के बाद ग्रामीणों को अपनी भूमि संबंधी जानकारी और दस्तावेज आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
’75 प्रतिशत से अधिक नक्शा अद्यतन, सरगांव तहसील सबसे आगे’
अपर कलेक्टर ने बताया कि जिले में भू-अभिलेखों को अद्यतन करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 75 प्रतिशत से अधिक नक्शों का अद्यतनिकरण किया जा चुका है। वहीं तहसील सरगांव में यह उपलब्धि 86 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच चुकी है। इससे भूमि अभिलेख अधिक सटीक और अद्यतन होंगे, जिससे राजस्व संबंधी सेवाओं में पारदर्शिता और गति आएगी।
’31 महल ग्रामों के एकीकरण से किसानों को मिलेगी बड़ी राहत’
जिले में 31 महल ग्रामों के एकीकरण की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है। लंबे समय से एक ही राजस्व ग्राम के अलग-अलग महलों में विभाजित होने के कारण किसानों को किसान पंजीयन, धान खरीदी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, खाद-बीज वितरण सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। महल ग्रामों के एकीकरण के बाद किसानों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी तथा विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों में आने वाली तकनीकी बाधाएं भी दूर हो जाएंगी। इससे हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।