खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान उपार्जन हेतु किसान पंजीयन एवं संशोधन 1 जुलाई से

बलौदाबाजार, 24 जून 2026/sns/- राज्य शासन द्वारा  खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान उपार्जन हेतु नवीन किसान पंजीयन एवं संशोधन के लिये 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक समय -सीमा निर्धारित किया गया है।धान उपार्जन हेतु समस्त श्रेणी के किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य है।

ऐसे कृषक जिनके द्वारा विगत वर्ष 2025-26 में धान विक्रय हेतु पंजीयन कराया गया है एवं जिनके पास एग्रीस्टेक फार्मर आई.डी. तथा किसान कोड उपलब्ध है उन्हें पृथक से कोई नवीन पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इन कृषकों द्वारा खरीदी-बिकी,नामांतरण,बटवारा,फौती,अन्य माध्यम से यदि नवीन भूमि प्राप्त की गई हो, तो केवल ऐसी भूमि,खसरा नंबर का संशोधन धान विक्रय हेतु संबंधित उपार्जन केन्द्रों या समितियों में किया जाएगा।

वन पटटाधारी,डुबान,शासकीय पटटेदार,कोटवार, संस्थागत कृषकों को भी धान विक्रय किये जाने हेतु एग्रीस्टेक में पंजीयन किया जाना अनिवार्य होगा।
अधिया,रेगहा बटाईदार,लीज के माध्यम से धान विक्रय करने वाले कृषकों को एग्रीस्टेक पोर्टल में प्रदाय किये गये ऑथराईजेशन मॉड्यूल के माध्यम से अधिकृत किया जाना है।विगत खरीफ वर्ष 2025-26 में धान विक्रय हेतु पंजीयन नहीं कराया गया था एवं जिनके पास किसान कोड उपलब्ध नहीं है, ऐसे नवीन कृषकों के एग्रीस्टेक में पंजीयन उपरांत, संबंधित समिति,उपार्जन में संपर्क कर अपनी भूमि,खसरे का पंजीयन, बैंक का विवरण, नॉमिनी विवरण ऑनलाईन सोसायटी माड्यूल में समिति या उपार्जन केन्द्र करेंगे।

वन पटटाधारी,डुबान श्रेणी के नवीन कृषक के एग्रीस्टेक में पंजीयन हेतु इनके खसरे,कम्पार्टमेंट नंबर की फॉर्म आई.डी. बनाये जाने हेतु आवश्यक जानकारी खाद्य अधिकारी मॉड्यूल में किया जाएगा। एग्रीस्टेक में पंजीयन उपरांत वन पटटाधारी,डुबान श्रेणी के उक्त नवीन कृषक भी संबंधित समिति में अपने भूमि,खसरा नंबर का मैपिंग कर किसान कोड प्राप्त करेंगे।

विगत वर्ष 2025-26 के संस्थागत पंजीयन एवं नवीन पंजीयन कृषकों के एग्रीस्टेक आई.डी. बनाये जाने हेतु संस्था के प्रतिनिधि का नाम, मोबाईल नंबर, आधार नंबर, पंजीयन कमांक इत्यादि की प्रविष्टि खाद्य अधिकारी माड्यूल में किया जावेगा, जिसके उपरांत संस्था को एग्रीस्टेक आई.डी. प्राप्त हो सकेगी।

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