बस्तर में कुष्ठ उन्मूलन अभियान, बच्चों की होगी शत-प्रतिशत जांचजल्द पहचान और तुरंत इलाज पर जोर

जगदलपुर, 15 जुलाई 2026/sns/- मुख्यमंत्री स्वस्थ्य बस्तर अभियान के तहत जिले को कुष्ठ (लेप्रोसी) मुक्त बनाने के लिए एक व्यापक पहल किया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने अर्ली डिटेक्शन एंड प्रॉन्प्ट ट्रीटमेंट यानी जल्द पहचान और त्वरित उपचार के मूल मंत्र के साथ काम करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में जिले के सभी ब्लॉकों के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर, नॉन-मेडिकल असिस्टेंट और रूरल हेल्थ ऑर्गनाइजर शामिल हुए, जिन्होंने क्षेत्र में कुष्ठ उन्मूलन की प्रगति और आगामी रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक के दौरान ब्लॉकवार लेप्रोसी प्रोग्रेसिव रिपोर्ट की बारीकी से समीक्षा की गई, जिसमें अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संभावित चर्म रोग मरीजों की जांच में कोई कोताही न बरती जाए। स्वास्थ्य विभाग का विशेष ध्यान बच्चों पर केंद्रित है, जिसके तहत अधिकारियों ने बच्चों में शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि पॉसी-बैसिलरी प्रकरण की शुरुआती दौर में ही पुष्टि कर समय पर इलाज शुरू किया जा सके। इसके साथ ही, बस्तर में कुष्ठ के संक्रमण को पूरी तरह रोकने के लिए विभाग ने बड़ा लक्ष्य तय करते हुए मल्टी-बैसिलरी प्रकरण की संख्या को शून्य या न्यूनतम स्तर पर लाने की रणनीति बनाई है।

इस अभियान को एक व्यापक अभियान बनाने के लिए सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मितानिनों व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से सघन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही बच्चों को चर्म रोग और कुष्ठ के लक्षणों के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी विशेष स्वास्थ्य जानकारियां दी जाएंगी। इस रणनीतिक बैठक में मुख्य रूप से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, जिला नोडल अधिकारी (कुष्ठ उन्मूलन) डॉ. वीरेंद्र ठाकुर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. रीना लक्ष्मी, जिला डेटा प्रबंधक श्री कुलदीप मरकाम और नॉन-मेडिकल असिस्टेंट श्री आरके माली उपस्थित रहे।

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