निरीक्षण के दौरान आजीविका डबरी और जल संरक्षण के कार्यो को केंद्रीय टीम ने सराहा
कवर्धा, 15 जुलाई 2026/sns/- कबीरधाम जिले के जनपद पंचायत बोड़ला के ग्राम पंचायत पोड़ी के हितग्राही श्री रामभजन पिता श्री लतेल के जीवन मे विकसित भारत जी राम जी योजना ने सकारात्मक बदलाव लाया है। श्री रामभजन को उनके आजीविका के लिए 1.80 लाख की लागत से डबरी बनाने के लिए सहायता मिला। रामभजन के पास लगभग 50 डिसमिल भूमि उपलब्ध थी, जिसका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा था। पंचायत स्तर पर ग्राम रोजगार सहायक एवं तकनीकी सहायक द्वारा उन्हें योजना की जानकारी दी गई। बताया गया की डबरी निर्माण से रोजगार मिलेगा और साथ मे सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। डबरी से जुड़े आजीविका गतिविधियों के बारे में बताया गया। इसके पश्चात उनकी भूमि पर मांग अनुसार डबरी निर्माण का कार्य स्वीकृत किया गया। डबरी के पूर्व रामभजन वर्षा आधारित कृषि पर निर्भर थे। सीमित जल उपलब्धता के कारण केवल धान एवं अन्य पारंपरिक फसलों की खेती कर पाते थे। जिससे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 8,000 से 10,000 तक ही अतिरिक्त आय प्राप्त होता था। सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध न होने के कारण वे अन्य आयवर्धन गतिविधियों से वंचित रहने को मजबूर थे और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।
विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत निर्मित डबरी से उनकी आजीविका के स्तर में नया परिवर्तन आया। डबरी निर्माण के साथ-साथ उपलब्ध 50 डिसमिल भूमि का उपयोग मत्स्य पालन, डबरी की मेड़ों पर मौसमी सब्जियों तथा फलदार पौधों के उत्पादन के लिए किया जा रहा है। वर्षभर जल उपलब्ध रहने से अब उन्हें कृषि एवं मत्स्य पालन दोनों से अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। इससे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 60,000 से 70,000 तक अतिरिक्त आय प्राप्त होने की संभावना है, जो उनकी पूर्व आय की तुलना में कहीं अधिक है। यह कार्य जल संरक्षण, कृषि विविधीकरण एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। डबरी के माध्यम से न केवल वर्षभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी ,बल्कि आसपास के किसानों को भी जल संरक्षण आधारित टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण कर अपनी आय बढ़ाने की प्रेरणा मिली रही है।
इस उत्कृष्ट कार्य का निरीक्षण भारत सरकार,ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री पी. के.शर्मा, अपर सचिव श्री राहुल श्रीवास्तव तथा जिला पंचायत कबीरधाम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल द्वारा गत दिवस किया गया। निरीक्षण के दौरान जानकारी देते हुए बताया गया कि इस कार्य में 1 लाख 66 हजार रुपए का मजदूरी भुगतान किया गया है तथा इस कार्य मे कुल 697 मानव दिवस रोजगार का सृजन हुआ।डबरी निर्माण में हितग्राही एवं उसके परिवार सहित अन्य को भी रोजगार का अवसर मिला है। डबरी निर्माण से इसके आसपास के लगभग 1 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा और भू-जल स्तर भी बढ़ेगा साथ ही इसकी सहायता से हैंडपंप रिचार्ज होगा।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्य की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण आजीविका संवर्धन एवं जल संरक्षण का बेहतरीन कार्य बताया। भविष्य में ऐसे आजीविका आधारित कार्यों को अधिक से अधिक स्वीकृत करते हुए स्थानीय कृषकों को योजना के लाभ से जोड़ कर आजीविका हेतु नई परिसंपत्तियों उपलब्ध कराने की बात कही गई।
कबीरधाम जिले में जल संरक्षण,रोजगार और आजीविका के अभियान पर एक नजर
आजीविका डबरी- कुल 253 आजीविका डबरी बने है। प्रत्येक का क्षेत्रफल 20×20 मीटर (400 वर्ग मीटर) है। लागत 1 लाख 40 हजार रुपए प्रति नग है। कुल 1 लाख 85 हजार 248 मानव दिवस का रोजगार ग्रामीणों को मिला और 3 करोड़ 68 लाख 87 हजार 700 रुपए का मजदूरी भुगतान ग्रामीणों को प्राप्त हुआ। एक डबरी में लगभग 890 घन मीटर पानी रुकेगा तथा 253 डबरी में 225170 घन मीटर पानी का संग्रहण होगा। सभी डबरियों से लगभग 253 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा, भू-जल स्तर में वृद्धि होगी तथा आसपास के हैंडपंप रिचार्ज होंगे। मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी फसलों के लिए ग्रामीणों को सहायता मिलेगी तथा आजीविका की गतिविधियों का विस्तार होगा।
नवा तरिया- कुल 25 नवा तरिया का निर्माण हुआ है। प्रत्येक का क्षेत्रफल 80×80 मीटर (6400 वर्ग मीटर) है। लागत 10 लाख रुपए प्रति नग है। इस कार्य से कुल 1 लाख 03 हजार 751 मानव दिवस का रोजगार ग्रामीणों को मिला और 1 करोड़ 80 लाख 57 हजार रुपए का मजदूरी भुगतान ग्रामीणों को प्राप्त हुआ। एक नवा तरिया में लगभग 7146 घन मीटर पानी रुकेगा तथा 25 नवा तरिया में 207234 घन मीटर पानी का संग्रहण होगा। इन सभी तरिया से लगभग 290 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा, भू-जल स्तर में वृद्धि होगी तथा आसपास के हैंडपंप को रिचार्ज करने में मद्दद मिलेगी। मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी फसलों के साथ सामूहिक वृक्षारोपण हेतु ग्रामीणों को सहायता मिलेगी तथा आजीविका की गतिविधियों का विस्तार होगा।