लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने के लिए जनप्रतिनिधि लोकहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें
रायपुर, 15 जुलाई 2026/sns/- राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आयोजित ‘उत्कृष्टता अलंकरण समारोह‘ गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवीन प्रेक्षागृह का उद्घाटन भी किया।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए। ‘उत्कृष्टता अलंकरण समारोह‘ में वर्ष-2025 के लिए श्री धरमलाल कौशिक और श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह को उत्कृष्ट विधायक के रूप में सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट संसदीय पत्रकार के लिए दैनिक समाचार पत्र पत्रिका के श्री संत राम साहू, इलेक्ट्रानिक मीडिया संवाददाता, आईबीसी 24 न्यूज चैनल के श्री सौरभ सिंह परिहार, इलेक्ट्रानिक मीडिया रिपोर्टर आईबीसी 24 न्यूज के डॉ. राकेश राज को समारोह में सम्मानित किया गया।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह, मंत्रीगण और विधायकगण भी ‘उत्कृष्टता अलंकरण समारोह‘ समारोह में शामिल हुए।
समारोह केे मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि यह समारोह छत्तीसगढ़ विधानसभा की उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का जीवंत उदाहरण है। इस पुरस्कार के तहत स्वस्थ संसदीय परंपरा स्थापित है, जिसमें सभा के सदस्य और पत्रकारगणों को उनके संसदीय सेवा में योगदान के लिए पुरस्कृत और सम्मानित किया जाता है। उन्होंने वर्ष-2025 के उत्कृष्ट विधायकों एवं पत्रकारों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा लोकसेवा का वह केन्द्र है जहां जनसेवक संसदीय सदन में लोक कल्याण का पावन अनुष्ठान संपादित करते हैं और इसलिए लोकतंत्र में संसदीय सदन को मंदिर की संज्ञा दी गयी है और इस मंदिर के प्रतिष्ठा माननीय सदस्यों के आचरण व्यवहार और विचार पर निर्भर करती है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से ऊपर उठकर सदैव लोकहित और लोक कल्याण के लिए कार्य करें। उन्हांेने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की गणना देश की श्रेष्ठ विधानसभाओं के उदाहरण के रूप में होती है। विधानसभा में पक्ष प्रतिपक्ष के मध्य जो समन्वय, सामन्जस्य और समादर का भाव है, वह प्रशंसनीय है, सराहनीय है और अनुकरणीय भी है।
राज्यपाल ने विधानसभा के ऑडिटोरियम के उद्घाटन पर सभी को बधाई दी और कहा कि छत्तीसगढ़ की षष्ठ्म विधानसभा का कार्यकाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इस कार्यकाल में विधानसभा अपने नवीन भवन में स्थानांतरित हुई है। इस नवीन भवन में सभी जनप्रतिनिधि अपने दायित्वों और अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन करेंगे।
समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह षष्ठ्म विधानसभा निश्चित रूप से संसदीय परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए याद किया जाएगा। यहां पक्ष व प्रतिपक्ष राजनीति प्रतिद्वंदता के बावजूद प्रदेश के हित के लिए समन्वय एवं सामंजस्य के साथ काम करते है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह विधानसभा अन्य संसदीय निकायों के लिए आदर्श बनेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा अपनी विशेष कार्य प्रणाली के कारण देश में प्रशंसनीय है। श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा देश की पहली और एकमात्र ऐसी विधानसभा है, जहां गर्भगृह में किसी विधायक के प्रवेश करते ही वे स्वमेव निलंबित हो जाते हैं। इस विशिष्टता और आत्म-अनुशासन ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान दिलाई है।
समारोह को संबोधित करते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सम्मानित विधायकों और पत्रकारों को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन संसदीय इतिहास के लिए गौरव का क्षण माना जाता है। हम सभी पूरी सामंजस्यता के साथ छत्तीसगढ़ को सवांरने में लगे हैं।
संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने समारोह में शामिल अतिथियों और लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। विधानसभा के सचिव श्री दिनेश शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम के पश्चात प्रसिद्ध भजन गायक श्री अनूप जलोटा का भजन कार्यक्रम भी हुआ। जिसका आनंद सभी अतिथियों ने लिया।