समय पर उपचार ही सर्पदंश से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय अंधविश्वास से दूर रहने स्वास्थ्य विभाग द्वारा सावधानी की अपील

बलौदाबाजार, 17 जुलाई 2026/sns/- वर्षा ऋतु के दौरान खेतों, झाड़ियों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में साँपों के निकलने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे समय में थोड़ी सी सावधानी और सर्पदंश होने पर सही प्राथमिक उपचार अपनाकर बहुमूल्य जीवन बचाया जा सकता है। सर्पदंश में तत्काल अस्पताल ले जाकर उपचार कराना ही सबसे प्रभावी उपाय है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.राजेश अवस्थी ने जिलेवासियों से अपील की है कि सर्पदंश को गंभीर आपातकालीन स्थिति मानें तथा किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या घरेलू उपचार के बजाय तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में उपचार प्राप्त करें। नोडल अधिकारी डॉ नवदीप बाँधे ने बताया कि सर्पदंश एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है लेकिन समय पर अस्पताल पहुँचने और एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध होने से अधिकांश मरीजों का सफल उपचार संभव है। कुछ लोग अंधविश्वास में पड़ कर पीड़ित व्यक्ति की झाड़-फूँक करवाते हैं जिससे समय नष्ट होता है और खतरा बढ़ जाता है। यदि सर्प ने काट लिया है तो मरीज को घबराना नहीं है, मरीज को शांत रखें और तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाएं और मरीज को अधिक चलने-फिरने न दें तथा प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें। घाव वाली जगह को न काटें, न चूसें और न ही जलाएँ। प्रभावित स्थान पर कसकर पट्टी बिल्कुल न बाँधें। शराब, तंबाकू या किसी भी प्रकार का घरेलू उपचार न करें। किसी भी साँप की पहचान करने के प्रयास में समय न गंवाएँ, बल्कि हर सर्पदंश को गंभीर मानकर तत्काल उपचार हेतु अस्पताल पहुँचें।
सावधानियां- सर्पदंश से बचाव हेतु खेत, घास-फूस, झाड़ियों या अंधेरे स्थानों पर जाते समय जूते, चप्पल या लंबे बूट पहनें। रात में बाहर निकलते समय हमेशा टॉर्च का उपयोग करें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। लकड़ी, पत्थर, ईंट के ढेर को हाथ लगाने से पहले अच्छी तरह जांच लें। घर एवं आसपास साफ-सफाई रखें तथा झाड़ियों और कचरे का जमाव न होने दें। अनाज को ढंककर रखें ताकि चूहे न आएँ क्योंकि चूहों के कारण साँप भी घरों के आसपास आ सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य सहायता टोल-फ्री नंबर 104 पर संपर्क करें अथवा निकटतम शासकीय स्वास्थ्य संस्थान में तत्काल उपचार प्राप्त करें।

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