जिले में जलभराव स्थिति की हुई समीक्षा

अम्बिकापुर, 20 जुलाई 2026/ sns/-   कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने सोमवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक  समय- सीमा  की बैठक ली। बैठक में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली गई तथा समय- सीमा में लंबित कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराए जाने निर्देश दिए गए। इस दौरान पूर्व निरीक्षणों के दौरान विभागों को दिए गए निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही की जानकारी ली गई।

बैठक में नक्शा प्रोजेक्ट में प्रगति, डीएमएफ अंतर्गत निर्माण कार्यों की स्थिति, एनएचएम पदों पर भर्ती की प्रगति, आयुष्मान कार्ड निर्माण में प्रगति, आपार आईडी निर्माण एवं जाति प्रमाणपत्र निर्माण में प्रगति, मुआवजा प्रकरणों, अतिक्रमण सहित अन्य की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री वसंत ने सभी विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि भूआबंटन से सम्बंधित प्रकरणों को पहले ओआईसी के पास दर्ज कराना सुनिश्चित करें। इस दौरान कलेक्टर श्री वसंत ने शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के ऐसे बच्चे जो प्राथमिक विद्यालयों में भर्ती हुए हैं, उनकी सूची तैयार कर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने सीडीपीओ एवं बीईओ को निर्देशित करें। इसी प्रकार आश्रम- छात्रावासों के बच्चे जो 6वीं एवं 9वीं कक्षा में भर्ती हुए हैं, का प्रमाण पत्र अधीक्षक से लेने आदिवासी विकास विभाग को निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर जनदर्शन, जन चैपाल, जन शिकायत, पीजी पोर्टल आदि की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक, श्री राम सिंह ठाकुर, नगर निगम आयुक्त श्री डी एन कश्यप, सर्व एसडीएम एवं विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

जिले में जलभराव की स्थिति की हुई समीक्षा-
जिले में  बारिश के चलते विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति की कलेक्टर ने समीक्षा की। उन्होंने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों, जल निकासी व्यवस्था और राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने कहा, ताकि आमजनों को समस्या ना हो। वहीं जनपदों में सचिवों एवं एसडीएम पटवारियों के माध्यम से ऐसे क्षेत्रों की जानकारी रखने कहा गया। लोक निर्माण, जल संसाधन एवं अन्य संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार रहें।

मौसमी बीमारियों पर सतर्कता बढ़ाने, सुदूर क्षेत्रों में मॉनिटरिंग के दिए निर्देश-
बारिश में मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नियमित निगरानी, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को अपने-अपने अनुभाग के सुदूर एवं संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर स्थिति की मॉनिटरिंग करने, आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करने तथा किसी भी समस्या की तत्काल जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विकासखण्ड स्तर पर मितानिनों की बैठक लेकर उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में मॉनिटरिंग कर किसी भी स्थिति की जानकारी समय पर उपलब्ध कराने निर्देशित करने कहा गया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि आमजन को समय पर राहत और आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।

पेट्रोल पंपों की जांच कर बेसिक मानकों का परीक्षण करने दिए निर्देश-

कलेक्टर ने जिले में संचालित सभी पेट्रोल पंपों की जांच करने खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों पर निर्धारित बेसिक मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। सुरक्षा व्यवस्था और उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जांच हो, जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही निरीक्षण उपरांत रिपोर्ट तैयार कर उपलब्ध कराने निर्देशित किया गया।

समय सीमा में राजस्व प्रकरणों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश-
कलेक्टर श्री वसंत राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न राजस्व प्रकरणों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने  सभी तहसीलदारों को 6 माह से पूर्व के सभी प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग अपने समय सीमा के  कार्यों में गंभीरता लाए तथा आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में त्रुटि सुधार, नक्शा बटांकन, सीमांकन, नामांतरण, आधार सीडिंग, डिजिटल हस्ताक्षर, किसान किताब पत्र, जेंडर प्रविष्टि, कोटवारी भूमि, अतिक्रमण सहित अन्य राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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