स्वामित्व योजना में तेजी लाने के निर्देश
रायगढ़, 20 जुलाई 2026/sns/- कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में राज्य शासन के आयुक्त, भू-अभिलेख द्वारा संचालित स्वामित्व योजना के अंतर्गत जिले में चल रहे ग्रामीण आबादी सर्वेक्षण एवं अधिकार अभिलेख निर्माण कार्यों की तहसीलवार समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों एवं संबंधित राजस्व अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाते हुए 30 जुलाई तक निर्धारित समय-सीमा में प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि जिले के 721 ग्रामों में सर्वे ऑफ इंडिया से द्वितीय चरण (मैप-2) प्राप्त हो चुका है। इनमें से 619 ग्रामों में प्रारंभिक प्रकाशन की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है, जबकि शेष 102 ग्रामों में यह कार्य प्रगति पर है। इसी प्रकार 88 ग्रामों में अंतिम प्रकाशन पूर्ण होने के बाद 2,991 अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं। जिले में सूची प्राप्त न होने वाला कोई भी ग्राम शेष नहीं है।
तहसीलवार समीक्षा में बताया गया कि रायगढ़ तहसील में 118 ग्रामों में मैप-2 प्राप्त हुआ है, जिनमें 105 ग्रामों में प्रारंभिक प्रकाशन तथा 11 ग्रामों में अंतिम प्रकाशन पूर्ण कर 631 अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं। पुसौर में 132 ग्रामों में मैप-2 प्राप्त होने के बाद 94 ग्रामों में प्रारंभिक तथा 6 ग्रामों में अंतिम प्रकाशन पूर्ण कर 246 अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं। खरसिया में 128 ग्रामों में मैप-2 प्राप्त हुआ है, जहां 125 ग्रामों में प्रारंभिक किया गया है । धरमजयगढ़ में 71 ग्रामों में मैप-2 प्राप्त होने के बाद 65 ग्रामों में प्रारंभिक एवं 26 ग्रामों में अंतिम प्रकाशन कर 652 अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं। कापू तहसील में 41 ग्रामों का अंतिम प्रकाशन पूर्ण करते हुए सर्वाधिक 1,293 अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं। अन्य तहसीलों में भी कार्य निरंतर प्रगति पर है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिले के कुल 892 ग्रामों में से 884 ग्रामों का ड्रोन सर्वे पूर्ण किया जा चुका है। इनमें से 863 ग्रामों का सत्यापन कर सर्वे ऑफ इंडिया को उपलब्ध कराया जा चुका है। शेष ग्रामों में सत्यापन एवं तकनीकी प्रक्रियाएं जारी हैं।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीण नागरिकों को उनकी आबादी भूमि का वैध अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। इससे ग्रामीण संपत्तियों का प्रमाणिक रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे नागरिकों को स्वामित्व संबंधी सुरक्षा मिलेगी तथा ग्राम पंचायतों को भी योजनाबद्ध विकास एवं संपत्ति प्रबंधन में सुविधा होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रारंभिक एवं अंतिम प्रकाशन, दावा-आपत्ति के निराकरण, अधिकार अभिलेख निर्माण तथा ग्राम सभाओं के आयोजन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। सभी अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करते हुए लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करें, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराए जा सकें।
कलेक्टर ने बैठक में विभिन्न विभागों के विकास एवं प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में अपेक्षित गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी विभाग समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने जिले में संचालित आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन निर्माण कार्यों में प्रगति अपेक्षित नहीं है, वहां नियमित निगरानी कर बाधाओं का तत्काल निराकरण किया जाए, ताकि स्वीकृत भवनों का निर्माण निर्धारित समयावधि में पूर्ण हो सके। कलेक्टर ने तहसीलवार नक्शा बंटांकन की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित तहसीलदारों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करते हुए राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों से जुड़े राजस्व मामलों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि अपने-अपने कार्यालयों में पदस्थ पात्र कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ नियमानुसार निर्धारित समयावधि में प्रदान करना सुनिश्चित करें। यदि गोपनीय चरित्रावली प्रतिवेदन अथवा अन्य प्रशासनिक औपचारिकताओं के कारण कोई प्रकरण लंबित है तो उसे तत्काल संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे कर्मचारियों को समय पर उनका वैधानिक लाभ प्राप्त हो सके। जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में बंद अथवा धीमी गति से संचालित कार्यों की नियमित समीक्षा कर उन्हें शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों में उदासीनता बरतने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई करने के भी सख्त निर्देश दिए और कहा कि प्रत्येक परियोजना की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा हो सके।
बैठक में माननीय उच्च न्यायालय से प्राप्त जवाबनामों हेतु लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों में तथ्यात्मक एवं समयबद्ध जवाब प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें तथा न्यायालयीन मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। बैठक के अंत कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, विभागीय समन्वय के साथ कार्य करें तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से प्रत्येक लक्ष्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। इससे आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी और विकास कार्यों का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचेगा। बैठक में सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के, आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर श्री रवि राही, डॉ.प्रियका वर्मा सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।