दुर्गम अंचलों में बाइक से ग्रामीणों के बीच पहुंचे जनपद सीईओ

सुकमा, 26 जूलाई 2026/sns/-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप और कलेक्टर श्री अमित कुमार के सख्त निर्देशों के बाद सुकमा जिले के अंतिम छोर पर बसे गांवों में विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ ली है। इसी कड़ी में सुकमा प्रशासन ने सुशासन को धरातल पर उतारने की एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। शनिवार को जनपद पंचायत कोंटा के सीईओ श्री गौतम गहिर प्रशासनिक अमले के साथ सुदूर और दुर्गम पहुँचविहीन क्षेत्रों की सुध लेने खुद मोटरसाइकिल पर सवार होकर निकल पड़े। कच्चे रास्तों, पथरीले रास्तों और भौगोलिक बाधाओं को पार करते हुए अधिकारी सीधे उन ग्रामीणों के बीच पहुंचे, जहां अमूमन चार पहिया वाहनों का पहुंचना नामुमकिन होता है। प्रशासन का यह तेवर साफ संदेश देता है कि जनता के हक का विकास अब किसी भी परिस्थिति में रुकने वाला नहीं है।
जनपद सीईओ ने इस मैदानी दौरे के दौरान ग्राम पंचायत डब्बाकोंटा में चल रहे बड़े निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे हितग्राहियों के घरों, नए पंचायत भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और बालक आश्रम भवनों के निर्माण कार्य का जायजा लिया। डब्बाकोंटा के स्कूल और उप स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण करते हुए सीईओ ने कड़े लहजे में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुदूर अंचलों के बच्चों और ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर मिलनी चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
कलेक्टर श्री अमित कुमार के विजन को अमलीजामा पहनाते हुए यह प्रशासनिक टीम ग्राम पंचायत पेंटापाड़, बुर्कलंका के सुशासन परिसर और बड़ेकेड़वाल के तुमलपाड़ क्षेत्र भी पहुंची। यहाँ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण) के हितग्राहियों के घर जाकर उनसे सीधे संवाद किया और उन्हें अपने पक्के मकानों का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के लिए प्रेरित किया। जनपद सीईओ ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ हर एक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना ही जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने मौके पर ही मौजूद अमले को निर्देशित किया कि वे हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन और हर संभव प्रशासनिक सहयोग दें ताकि ग्रामीण परिवारों को जल्द से जल्द अपने सपनों का पक्का आशियाना मिल सके।
विकास के इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए ऐतिहासिक और संवेदनशील क्षेत्र भेज्जी में भी पंचायत भवन और प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण कार्यों की प्रगति देखी गई और उन्हें युद्धस्तर पर पूरा करने पर जोर दिया गया। प्रशासन के इस कड़े और संवेदनशीलता से भरे मैदानी निरीक्षण ने न केवल अंदरूनी इलाकों में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया है, बल्कि ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति एक नया विश्वास भी जगाया है। सुकमा जिला प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में सुस्ती बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और क्षेत्र की तस्वीर बदलने के लिए अधिकारी एसी कमरों से निकलकर सीधे जनता के द्वार तक जाते रहेंगे।

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