ग्राम पंचायतों में डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) के सुरक्षित उपयोग हेतु आवश्यक निर्देश

दुर्ग, 03 अगस्त 2026/ sns/- ग्राम पंचायतों में शासकीय कार्यों के निष्पादन और वित्तीय भुगतानों में पारदर्शिता व सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), जिला पंचायत दुर्ग श्री बीके दुबे ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है। इसके तहत जनपद पंचायत दुर्ग, धमधा एवं पाटन के अंतर्गत आने वाले सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सचिवों को अपने डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी), पासवर्ड एवं ओटीपी की सुरक्षा एवं अभिरक्षण के संबंध में कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।  
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 66 (पंचायत निधि) का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया गया है कि ग्राम पंचायत निधि से राशि का आहरण सरपंच तथा सचिव (या मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा प्राधिकृत अधिकारी/कर्मचारी) के संयुक्त हस्ताक्षर से ही किया जा सकता है। अतः वित्तीय प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए यह निर्देश जारी किया गया है कि सरपंच एवं सचिव अपनी डीएससी, पासवर्ड या ओटीपी किसी भी स्थिति में किसी अन्य व्यक्ति, कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर अथवा सेवा प्रदाता को न तो सौंपेंगे और न ही अपनी जगह किसी अन्य से इसका उपयोग करवाएंगे। जिला पंचायत सीईओ श्री दुबे ने कहा कि डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) का उपयोग केवल संबंधित सरपंच और सचिव द्वारा स्वयं ही किया जाना अनिवार्य है। यदि डीएससी के किसी भी प्रकार के दुरुपयोग या अनधिकृत उपयोग से कोई प्रशासनिक, वित्तीय अथवा विधिक (कानूनी) समस्या उत्पन्न होती है, तो इसके लिए संबंधित सरपंच एवं सचिव स्वयं व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे।  

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