वर्षा जल संरक्षण से मिलेगी सिंचाई की सुविधा
मुंगेली, 04 अगस्त 2026/sns/- विकसित भारत जीरामजी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऐसी स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण कर रही है, जो किसानों की आजीविका को लंबे समय तक मजबूत आधार प्रदान करती हैं। विकासखंड पथरिया के ग्राम पंचायत सांवतपुर के किसान श्री हरवंश के खेत में डबरी निर्माण से वर्षा जल का संरक्षण संभव हुआ है और अब वे खेती के साथ अन्य आयवर्धक गतिविधियों की तैयारी कर रहे हैं। वीबी जीरामजी योजना के अंतर्गत श्री हरवंश के खेत में व्यक्तिगत डबरी का निर्माण कराया गया है। डबरी बनने से पहले बारिश का पानी खेत से बहकर निकल जाता था। खरीफ फसल के बाद रबी मौसम में पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध नहीं होने के कारण खेती सीमित रह जाती थी और परिवार की आय भी प्रभावित होती थी। अब डबरी में वर्षा जल का संग्रहण होने लगा है। इससे खेत में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ी है और वर्षा जल को स्थानीय स्तर पर संरक्षित करने का स्थायी माध्यम तैयार हुआ है।
किसान श्री हरवंश ने बताया कि डबरी से उपलब्ध पानी का उपयोग वे धान, सब्जी एवं अन्य फसलों की सिंचाई के लिए करने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने डबरी में मछली पालन शुरू करने की तैयारी की है। डबरी की मजबूत मेड़ पर पपीते के पौधे भी लगाए जा रहे हैं। तैयार फल को नजदीकी सल्फा बाजार में बेचकर उन्हें अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होगी। इस तरह एक ही जल संरचना उनके लिए सिंचाई, मत्स्य पालन और बागवानी जैसे कई आय के अवसरों का आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि पहले पानी की कमी के कारण खेती करना चुनौतीपूर्ण था। अब डबरी बनने से वर्षा जल खेत में ही सुरक्षित रहेगा और सिंचाई की सुविधा बेहतर होगी। इससे वे फसल उत्पादन बढ़ाने के साथ अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, वीबीजीरामजी योजना के तहत निर्मित इस डबरी के पानी से वे फसलों की सिंचाई और मछली पालन करेंगे। साथ ही डबरी की मेड़ पर पपीते की खेती करने से उन्हें अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी। इस डबरी उनके परिवार के लिए आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद जगाई है।