कृमि मुक्ति अभियान पोषण पुनर्वास केन्द्र में बच्चों को खिलाई गई एल्बेंडाजोल की खुराक
मुंगेली, 10 अगस्त 2026/sns/- जिले में बच्चों को कृमि संक्रमण से मुक्त रखने और उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले के स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को निःशुल्क एल्बेंडाजोल की कृमिनाशक गोली खिलाई गई। अभियान के तहत दवा से छूटे बच्चों को 17 अगस्त को मॉप-अप दिवस पर एल्बेंडाजोल की खुराक दी जाएगी।
अभियान की शुरुआत आज जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर की। उन्होंने कहा कि गंभीर कृमि संक्रमण से बच्चों में पेट दर्द, कमजोरी, उल्टी एवं भूख न लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। नियमित कृमिनाशक दवा बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने शिक्षकों एवं पालकों से कहा कि एक भी बच्चा कृमिनाशक दवा की खुराक से वंचित न रहे। जिन बच्चों को 10 अगस्त को दवा नहीं मिल पाई है, उन्हें 17 अगस्त के मॉप-अप दिवस पर नजदीकी आंगनबाड़ी केन्द्र अथवा स्वास्थ्य केन्द्र के माध्यम से दवा दिलाना सुनिश्चित करें।
03 लाख 35 हजार 886 बच्चों को लाभान्वित करने का लक्ष्य
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. कमलेश कुमार ने बताया कि जिले में इस वर्ष 01 से 19 वर्ष तक के 3 लाख 35 हजार 886 बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के तहत शासकीय एवं निजी स्कूलों, नवोदय विद्यालय, आईटीआई, कॉलेजों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में विशेष कार्ययोजना के तहत दवा खिलाई जा रही है। अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा समन्वित रूप से कार्य किया जा रहा है। मॉप-अप दिवस के माध्यम से छूटे हुए बच्चों को भी दवा की खुराक उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अभियान का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके।
उम्र के अनुसार दी जाएगी निर्धारित खुराक
जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री गिरीश कुर्रे ने बताया कि 01 से 02 वर्ष के बच्चों को आधी गोली, 02 से 03 वर्ष के बच्चों को एक पूरी गोली तथा 03 से 19 वर्ष के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एक गोली चबाकर खिलाई जानी है। दवा का सेवन स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कराया जा रहा है। इस अवसर पर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मधु ध्रुव, अस्पताल सलाहकार सुरभि केशरवानी, स्टाफ नर्स नैनसी विलियम, पवन निर्मलकर सहित पोषण पुनर्वास केन्द्र का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।