महिला उत्पीड़न से जुड़े 27 प्रकरणों पर महिला आयोग की जनसुनवाई


दुर्ग, 13 अगस्त 2026/
sns/- छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, सह प्रभारी सुश्री दीपिका शोरी एवं सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया ने आज कलेक्टर सभाकक्ष दुर्ग में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों की जनसुनवाई की। आयोग की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर यह तीसरी तथा दुर्ग जिले में पहली जनसुनवाई थी। जनसुनवाई में कुल 27 प्रकरणों पर सुनवाई की गई, जिनमें 3 प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया। इनमें आयोग में दर्ज प्रकरणों के साथ ऐसे मामलों को भी सुना गया, जो आयोग में पूर्व से दर्ज नहीं थे और उनका भी आवश्यकतानुसार निराकरण किया गया।
जनसुनवाई के दौरान विभिन्न पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, दहेज प्रताड़ना, वैवाहिक विवाद, घरेलू विवाद एवं संपत्ति संबंधी मामलों को सुना गया। आयोग द्वारा दोनों पक्षों को सुनने के बाद आवश्यकतानुसार समझाइश, विधिक सहायता को कार्रवाई के निर्देश दिए। एक प्रकरण में आवेदिका एवं अनावेदक पक्ष उपस्थित हुए। प्रकरण में संबंधित अनावेदक की 26 मार्च 2026 को मृत्यु हो चुकी है। आवेदिका के ससुर ने बताया कि विवादित मकान उनके नाम पर है और वे उसे विक्रय करना चाहते हैं। आयोग द्वारा पक्षों को उनकी विधिक स्थिति के संबंध में आवश्यक समझाइश दी गई तथा प्रकरण को आगामी सुनवाई के लिए नियत किया गया। एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने भरण-पोषण की मांग रखी, जबकि अनावेदक ने बच्चे से मिलने की इच्छा व्यक्त की। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अनावेदक को माह में एक बार बच्चे से मिलने की अनुमति संबंधी सहमति बनाई। साथ ही आवेदिका को भरण-पोषण के लिए न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत करने की सलाह दी गई तथा आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
वैवाहिक विवाद से जुड़े एक प्रकरण में आवेदिका ने पति के अन्य महिला से संबंध होने की शिकायत की। आयोग ने अनावेदक को समझाइश देते हुए वैवाहिक संबंधों में मधुरता बनाए रखने तथा अन्य महिला से संबंध समाप्त करने की सलाह दी। प्रकरण को आगामी सुनवाई के लिए नियत किया गया। एक अन्य मामले में आवेदिका ने बताया कि वर्तमान में वह अपने पति के साथ रह रही है और अपना प्रकरण वापस लेना चाहती है। आयोग द्वारा अनावेदक को पत्नी के साथ मधुर संबंध बनाए रखने की समझाइश दी गई। आवेदिका के कथन के आधार पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
दहेज प्रताड़ना से जुड़े एक प्रकरण में आवेदिका को सुनने के बाद मामला प्रथम दृष्टया उचित प्रतीत होने पर महिला थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। प्रकरण को आगामी सुनवाई के लिए नियत किया गया। इसी प्रकार एक प्रकरण में आवेदिका के अस्वस्थ रहने तथा प्रकरण वापस लेने की इच्छा पर अनावेदक को समझाइश देकर प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। एक अन्य मामले को दुर्ग सखी सेंटर भेजते हुए आवेदिका को गुजारा भत्ता तय कराने की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए। एक प्रकरण में संबंधित पक्षों ने बताया कि धारा 376 का मामला न्यायालय में विचाराधीन है और गवाही के लिए लंबित है। मामला न्यायालय में प्रचलित होने के कारण आयोग में प्रस्तुत प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया। जमीन पट्टा विवाद से जुड़े प्रकरण में आवेदिका को एसडीएम न्यायालय में जाने की सलाह दी गई। आयोग ने आवेदिका को इस मामले में निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए तथा आदेश पत्र की प्रति भी निशुल्क प्रदान की गई। प्रकरण आगामी सुनवाई के लिए नियत किया गया। एक अन्य वैवाहिक विवाद में अनावेदक द्वारा आवेदिका के साथ रहने से इनकार करने तथा अन्य महिला से संबंध होने की बात सामने आई। आयोग ने आवेदिका को आवश्यकतानुसार उतई थाने में अपराध दर्ज कराने के लिए स्वतंत्र बताया तथा आदेश पत्र की प्रति निशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आयोग ने सुनवाई के दौरान महिलाओं को उनके अधिकारों एवं उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी देते हुए आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों से समन्वय कर प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर एवं एसएसपी से की भेंट

जनसुनवाई के पश्चात छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल से भेंट-मुलाकात की। इस दौरान महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई, महिलाओं की सुरक्षा एवं उनके अधिकारों के संरक्षण सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

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