जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता
दुर्ग, 21 अगस्त 2026/sns/- कृषकों को समय पर एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्तमान में जिले में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों का वितरण शासन के निर्देशानुसार किया जा रहा है। विभाग द्वारा प्रत्येक समिति के स्टॉक की दैनिक स्तर पर कड़ाई से मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी क्षेत्र में कृत्रिम किल्लत जैसी स्थिति निर्मित न हो सके। किसानों को उनकी पात्रता, जोत की भूमि और वास्तविक मांग के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ खाद का वितरण किया जा रहा है।
उप संचालक कृषि के अनुसार अहिवारा विधानसभा क्षेत्र की सेवा सहकारी समिति कुम्हारी में गत वर्ष 283.89 मे.टन खाद वितरण की तुलना में इस वर्ष 780.21 मे.टन खाद भण्डारण कर 556.36 मे.टन खाद का वितरण किया गया है। इसीप्रकार सेवा सहकारी समिति गोंढ़ी में गत वर्ष 339.40 मे.टन खाद वितरण की तुलना में इस वर्ष 303.08 मे.टन खाद भण्डारण कर 266.61 मे.टन खाद का वितरण किया गया है। सेवा सहकारी समिति ओटेबंद में गत वर्ष 410.65 मे.टन खाद वितरण की तुलना में इस वर्ष 530.33 मे.टन खाद भण्डारण कर 479.19 मे.टन खाद का वितरण किया गया है। सेवा सहकारी समिति अहिवारा में गत वर्ष 418.60 मे.टन खाद वितरण की तुलना में इस वर्ष 420.28 मे.टन खाद भण्डारण कर 406.89 मे.टन खाद का वितरण किया गया है। सेवा सहकारी समिति अहेरी में गत वर्ष 467.44 मे.टन खाद वितरण की तुलना मंे इस वर्ष 360.00 मे.टन खाद भण्डारण कर 288.80 मे.टन खाद का वितरण किया गया है। उपरोक्त समितियों के गत वर्ष के कुल वितरण से इस वर्ष वर्तमान स्थिति में 473.92 मे.टन खाद अधिक भण्डारण कर 77.87 मे.टन खाद अधिक वितरण किया गया है। सहकारी समितियों के मांग के अनुसार उर्वरक भण्डारण कार्य लगातार किया जा रहा है। साथ ही जिले में खरीफ 2025 पूरे मौसम में 65132 मे.टन खाद का वितरण हुआ था जबकि खरीफ 2026 में 67880 मे.टन खाद वितरण का लक्ष्य रखा गया है जिसके विरुद्ध अद्यतन स्थिति में 69456 मे.टन खाद भण्डारण कर 48205 मे.टन खाद का वितरण किया जा चुका है।
विभाग द्वारा नकली एवं घटिया खाद की बिक्री को रोकने के लिये उड़नदस्ता टीम का गठन किया गया है जो निजी विक्रेताओं और समितियों की निरंतर जांच कर रही है, ताकि कृषकों को गुणवत्ता युक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके। अब तक जिले के 190 निजी एवं सहकारी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। जांच के दौरान स्टॉक संधारण में गड़बड़ी, उर्वरक नियंत्रण संबंधी नियमों के उल्लंघन करने जैसी अनियमितताएं पाए जाने पर 09 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। एवं 06 विक्रय केंद्रों पर उर्वरक अनुज्ञप्ति में अतिरिक्त स्त्रोत समावेश किये बिना विक्रय करते पाये जाने एवं 02 विक्रय केन्द्रों को अधिक मूल्य पर विक्रय किये जाने पर उर्वरक जब्ती कर प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में भेजा गया है। वहीं 13 विक्रय केंद्रों में अमानक उर्वरक का विक्रय किये जाने के कारण विक्रय प्रतिबंध कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 03 विक्रय केंद्रों पर एफ आई आर की कार्यवाही की गई है साथ ही 05 विक्रय केंद्रों के उर्वरक अनुज्ञप्ति निलंबित की गई है। तथा 04 विक्रय केंद्रों के उर्वरक अनुज्ञप्ति निरस्त की गई है।
कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि किसानों को खाद/कीटनाशक की किल्लत पैदा करने वाले, कालाबाजारी करने वाले या बिना वैध दस्तावेजों के अमानक उर्वरक/कीटनाशक औषधि विक्रय करने वाले कृषि केन्द्रों पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 एवं कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत कड़ी कार्यवाही की जा रही है। साथ ही सभी उर्वरक/कीटनाशक विक्रेताओं एवं समितियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर ही कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराएं तथा अधिक मूल्य वसूली की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा खरीफ सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है। किसान भाई किसी भी प्रकार की कृषि आदान सामग्री वितरण में अनियमितता पाये जाने पर इसकी शिकायत नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय में कर सकते हैं।