नई पीढ़ी को फूहड़ गानों के दुष्प्रभाव से बचाना हमारा परम दायित्व – अशोक बजाज
नई पीढ़ी को फूहड़ गानों के दुष्प्रभाव से बचाना हमारा परम दायित्व – अशोक बजाज
अश्लील एवं द्विअर्थी गानों के खिलाफ जन जागरण के संकल्प के साथ भिलाई में संपन्न हुआ अ. भा. रेडियो श्रोता सम्मेलन
रायपुर / छत्तीसगढ़ रेडियो श्रोता संघ के संयोजक अशोक बजाज ने रेडियो अथवा अन्य संचार माध्यमों से प्रसारित होने वाले अश्लील एवं द्विअर्थी गानों पर आपत्ति प्रकट करते हुए कहा कि यह पाश्चात्य संस्कृति की देन है, इससे समाज में विकृति बढ़ रही है. भारतीय सभ्यता पर आधारित पुराने फ़िल्मी गीत भावपूर्ण, कर्णप्रिय, प्रेरक एवं सदाबहार हैं. इसमें हृदय को छू लेने वाले संगीत और गहरे अर्थ वाले शब्दों का अद्भुत मेल होता है। उक्त उदगार उन्होनें रेडियो श्रोता दिवस के अवसर पर भिलाई में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय रेडियो श्रोता सम्मेलन के उदघाटन सत्र में व्यक्त किये। उन्होंने रेडियो श्रोताओं से अश्लील गानों से परहेज करने तथा इसके खिलाफ देश भर में जन-जागरण करने की अपील करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को फूहड़ गानों के दुष्प्रभाव से बचाना हम सबका दायित्व है.
श्री बजाज जो कि भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य भी हैं, ने आकाशवाणी एवं विविध भारती के कार्यक्रमों से गुणवत्तायुक्त हिंदी सीखने व बोलने में मदद मिलती है। हिंदी के प्रचार प्रसार में रेडियो श्रोताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर रेडियो श्रोता संघों का फेडरेशन बनाया जाएगा । फेडरेशन रेडियो को जीवंत बनाये रखने तथा उनके कार्यक्रमों की गुणवत्ता सुधारने में प्रभावी भूमिका अदा करेगा। श्री बजाज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम के लिए रेडियो को माध्यम बनाए जाने देश में रेडियो की महत्व बड़ी है।
अखिल भारतीय रेडियो श्रोता सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, बिहार, तेलंगाना, राजस्थान, झारखंड, दिल्ली, उड़ीसा, कर्नाटक एवं पश्चिम बंगाल सहित देश के 18 राज्यों के 600 से अधिक रेडियो श्रोताओं ने भाग लिया.
सम्मेलन में मुख्य रूप से परसराम साहू, विविध भारती मुंबई के संतोष जाधव, धमेंद्र यादव, जी. श्याम, डॉक्टर उदय कुमार धबर्डे, आकाशवाणी रायपुर का डायरेक्टर पंकज मेश्राम, उद्घोषक दीपक हटवार, श्याम वर्मा, मनिंदर सिंह , चमन सालवार, ज्ञान भूषण शर्मा, जगन्नाथ बसैये, महेंद्र मोदी, प्रदीप शाह, अशोक श्याम कुंवर, मुकेश शर्मा , तारक सचदेव, कमलकांत गुप्ता, छेदुलाल यादव, झावेंद्र ध्रुव, विनोद बण्डलकर, प्रकाश इंगोले, शोभितकांत झा व दिनेश पाल आदि उपस्थित रहे।


