भारी बारिश के मद्देनजर व्यापक सुरक्षा एवं एहतिहात के कलेक्टर ने दिए निर्देश

मुंगेली, 02 सितंबर 2026/sns/-  जिले में हो रही अनवरत वर्षा के दृष्टिगत कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अमृत विकास तोपनो ने व्यापक आपदा पूर्व तैयारियों को लेकर निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि भारी वर्षा के कारण अचानक बाढ़, मनियारी एवं शिवनाथ नदियों के जलस्तर में वृद्धि, राजीव गांधी (खुड़िया) जलाशय में भारी जल आवक तथा शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों में जन-धन की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें।

खुड़िया बांध की प्रति घंटे होगी निगरानी,जलमग्न पुलों और रपटों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

जल संसाधन विभाग को राजीव गांधी (खुड़िया) जलाशय के जलस्तर की प्रति घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों के गांवों को कम से कम तीन घंटे पूर्व सूचना दिए बिना तथा जिला दण्डाधिकारी की लिखित अनुमति के बिना मनियारी नदी में जल का आपातकालीन डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा। पुलिस एवं यातायात पुलिस को सभी रपटों एवं कॉजवे पर मजबूत बैरिकेडिंग कर जीरो क्रॉसिंग नीति का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। किसी भी परिस्थिति में जलमग्न पुल, रपट या सड़क से वाहनों एवं पैदल यात्रियों को गुजरने की अनुमति नहीं होगी।

स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश रोधी विष (एंटी-वेनम), क्लोरीन टैबलेट तथा आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही रैपिड रिस्पांस मेडिकल टीमों एवं एम्बुलेंस सेवाओं को चौबीसों घंटे स्टैंडबाय रखने को कहा गया है।

कलेक्टर ने नागरिकों से की अपील

  कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यावश्यक कार्य के अलावा घरों से बाहर न निकलें, आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों या कमजोर संरचनाओं के नीचे शरण न लें तथा नदी, बांध, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें। कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को जलभराव वाले क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद करने, टूटे तार एवं गिरे पोलों की तत्काल मरम्मत तथा अस्पतालों एवं नियंत्रण कक्षों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पशुधन विकास विभाग को नदी किनारे के क्षेत्रों से मवेशियों को सुरक्षित स्थानों एवं गौठानों में पहुंचाने, चारा एवं आवश्यक दवाओं का भंडारण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जर्जर भवनों एवं पुलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने को भी कहा गया है।

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