भटकाव से विकास तक: पीएम आवास ग्रामीण ने दी नई जिंदगी को नई पहचान
सुकमा, 15 सितम्बर 2026/sns/- जनपद पंचायत कोंटा के ग्राम पंचायत कारिगुंडम अंतर्गत पालोडी गांव के वेट्टी लक्ष्मी और उनके पति वेट्टी पोज्जा के जीवन में अब एक नई शुरुआत ने दस्तक दी है। लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों और अस्थिर जीवन से गुजरने के बाद इस दंपत्ति ने शांति, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की राह को चुना। आत्मसमर्पण के माध्यम से उन्होंने समाज और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया और अपने जीवन को नई दिशा देने की पहल की। यह फैसला उनके लिए केवल एक नई शुरुआत नहीं, बल्कि अपने परिवार के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य चुनने का साहसिक कदम भी साबित हुआ।
इस बदलाव को स्थायित्व देने में शासन की पुनर्वास नीति और जिला प्रशासन के प्रयास महत्वपूर्ण कड़ी बने। पालोडी गांव में सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की पहुंच बढ़ने से ग्रामीणों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आया है। विकास की इन सुविधाओं के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत स्वीकृत पक्का आवास वेट्टी लक्ष्मी और पोज्जा के लिए नई उम्मीद लेकर आया। पक्की छत ने उन्हें मौसम की चुनौतियों से सुरक्षा देने के साथ अपने परिवार के साथ स्थिर और सम्मानजनक जीवन जीने का भरोसा दिया।
आज यह घर उनके लिए सिर्फ ईंट और सीमेंट से बनी दीवारें नहीं, बल्कि उस फैसले की निशानी है जिसने जिंदगी की दिशा बदल दी। इस पक्के आशियाने में उन्हें सुरक्षा के साथ अपनेपन और सम्मान का एहसास मिला है। अपने जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए वेट्टी लक्ष्मी एवं पोज्जा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा जिला प्रशासन सुकमा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कलेक्टर श्री अमित कुमार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन और प्रशासनिक प्रयासों को भी अपने जीवन में आए बदलाव का महत्वपूर्ण आधार बताया।
वेट्टी लक्ष्मी की कहानी इस बात की संवेदनशील मिसाल है कि जब कोई व्यक्ति कठिन अतीत से निकलकर शांति और विकास की राह चुनता है, तो पुनर्वास केवल सहायता तक सीमित नहीं रहताकृवह सम्मान के साथ नई जिंदगी बनाने का अवसर बन जाता है। पालोडी में खड़ा उनका पक्का घर इसी बदलाव का प्रतीक है। यह घर एक सुरक्षित छत के साथ उस उम्मीद को भी संजोए है, जिसमें अब डर और अस्थिरता की जगह शांति, स्वाभिमान और बेहतर भविष्य के सपने हैं।