कार्यक्रम के तहत 100 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाओं
महासमुंद, 22 सितम्बर 2026/sns/- राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक कार्यक्रम में महासमुंद जिले के स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले में अब तक कुल 101 स्वास्थ्य संस्थाओं का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक राष्ट्रीय प्रमाणीकरण हो चुका है, जिससे महासमुंद छत्तीसगढ़ राज्य में 100 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाओं का राष्ट्रीय प्रमाणीकरण कराने वाला पहला जिला बन गया है।
महासमुंद जिले के विभिन्न विकासखंडों में कुल 101 स्वास्थ्य संस्थाओं का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणीकरण हो चुका है। इनमें 1 जिला अस्पताल, 1 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 9 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 90 उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक, सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और सुधारने के लिए भारत सरकार द्वारा लागू किया गया एक ढांचा है। इसका उद्देश्य अच्छे प्रदर्शन करने वाली सुविधाओं को मान्यता देना और सार्वजनिक अस्पतालों की विश्वसनीयता बढ़ाना है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक स्वास्थ्य सेवा वितरण के विभिन्न पहलुओं के लिए मानकों का एक व्यापक सेट प्रदान करता है, जिसमें सेवा प्रावधान, रोगी अधिकार, इनपुट, सहायक सेवाएं, नैदानिक देखभाल, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन और परिणाम शामिल हैं।
राष्ट्रीय गुणवत्ता निर्धारण मानक के सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में सर्वप्रथम संस्था द्वारा भारत सरकार के निर्धारित प्रपत्र में स्व-मूल्यांकन कर कमियों को पूरा किया जाता है। इसके उपरांत जिला गुणवत्ता निर्धारण समिति के मूल्यांकन हेतु प्रेषित किया जाता है। जिला गुणवत्ता निर्धारण समिति के सदस्यों द्वारा मूल्यांकन के उपरांत 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने के बाद राज्य स्तरीय मूल्यांकन किया जाता है। इसके पश्चात राष्ट्रीय मूल्यांकन के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ अप्लाई किया जाता है। इसके उपरांत राष्ट्रीय दल द्वारा मूल्यांकन किया जाता है।
सभी संस्थाओं का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक कार्यक्रम के 8 विषयों सेवा प्रावधान, रोगियों के अधिकार, इनपुट, सहायक सेवाएं, क्लिनिकल सेवाएं, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली एवं परिणाम कृ में बांटकर निर्धारित बिंदुओं पर विस्तृत रूप से मूल्यांकन किया गया था।
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणीकरण के बाद अस्पतालों की विश्वसनीयता बढ़ी है, जिसका उदाहरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणीकरण के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा को प्रथम संदर्भ इकाई का दर्जा प्राप्त हुआ और नियमित रूप से सिजेरियन प्रसव की सुविधा स्त्री रोग विशेषज्ञ के माध्यम से मिलती रही है। साथ ही नियमित रूप से सोनोग्राफी की सुविधा गर्भवती माताओं को मिलने लगी है। आम जनता का भी अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं में विश्वास बढ़ने लगा है, जिससे औसत बाह्य रोगी की संख्या में बढ़ोतरी, औसत मासिक प्रसव में 80 से 100 प्रतिमाह तक पहुंचना तथा नसबंदी सेवाओं का विस्तार शामिल है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जिले की स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता सुधार एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणीकरण जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार और टीम की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने भविष्य में भी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने एवं आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपेक्षा व्यक्त की।
इस उपलब्धि में जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू धृतलहरे तथा जिला सलाहकार एवं जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक श्री संदीप चंद्राकर सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता सुधार एवं राष्ट्रीय प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।