कुपोषण मुक्त जिले के लिए विभागीय समन्वय से बेहतर कार्य करें अधिकारी

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 25 सितंबर 2026/sns/-कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर जिले में कुपोषण की स्थिति, पोषण पुनर्वास केंद्रों, सुरक्षित प्रसव, एचपीवी टीकाकरण, टीबी उन्मूलन, एनीमिया मुक्त भारत अभियान और चिरायु योजना सहित विभिन्न स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित होने वाली गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की तैयारियों की जानकारी लेते हुए सभी आयोजन व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने परियोजनावार कुपोषित एवं गंभीर कुपोषित बच्चों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के लिए नियमित निगरानी, आवश्यक उपचार और पोषण संबंधी सेवाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने बाल संदर्भ शिविरों का आयोजन करने तथा महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। मातृत्व वंदन योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

एनआरसी केंद्रों में आवश्यकता के अनुसार बढ़ाए जाएं बेड

कलेक्टर ने सारंगढ़, बरमकेला और बिलाईगढ़ में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्रों की स्थिति की जानकारी लेते हुए भर्ती बच्चों, उपलब्ध बेड और उपचार व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने आवश्यकता के अनुरूप एनआरसी केंद्रों में बेड की संख्या बढ़ाने के निर्देश संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारियों को दिए, ताकि गंभीर कुपोषित बच्चों को समय पर उपचार एवं पोषण पुनर्वास की सुविधा मिल सके।

संस्थागत प्रसव बढ़ाने और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी पर जोर

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले में चिन्हांकित गर्भवती महिलाओं की संख्या, उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच तथा प्रसव पूर्व देखभाल की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी करते हुए समय पर जांच, आवश्यक उपचार और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए शासकीय अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।

शेष 2855 बच्चों का एचपीवी टीकाकरण शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश

बैठक में एचपीवी टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पात्र बच्चों का सत्यापन कर टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिले में 2855 पात्र बच्चों का टीकाकरण शेष होने की जानकारी पर उन्होंने अभियान चलाकर सभी शेष बच्चों का टीकाकरण शीघ्र पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों की प्रगति की जानकारी लेते हुए टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत उपचाररत एवं स्वस्थ हुए मरीजों की नियमित निगरानी और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने एनीमिया मुक्त भारत अभियान की प्रगति की

 समीक्षा करते हुए बच्चों, किशोर-किशोरियों और पात्र हितग्राहियों तक जांच एवं आवश्यक उपचार की सुविधा पहुंचाने पर जोर दिया। चिरायु योजना के तहत बच्चों में गंभीर बीमारियों की पहचान, जांच एवं उपचार की स्थिति की जानकारी लेते हुए चिन्हांकित बच्चों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी उत्तम सूर्यवंशी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव, सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाइजर, सारंगढ़, बरमकेला एवं बिलाईगढ़ के खंड चिकित्सा अधिकारी, डीपीएम दीपक, तीनों विकासखंडों के बीपीएम, आयुष्मान भारत के जिला समन्वयक रोशन सचदेवा सहित महिला एवं बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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