सेवा संकल्प अभियान के तहत “आंगन मिलन सेवा सम्मान
कोरबा, 25 सितंबर 2026/sns/- सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में आज “आंगन मिलन सेवा सम्मान” कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के निवास के समीप स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन, गोपाल मोदी,प्रीति स्वर्ण कार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, मितानिन, महिलाएं एवं बच्चे शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य एवं पोषण संबंधी गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान के लिए “पोषण शक्ति सम्मान” भी प्रदान किया गया।
स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता के विजेता बच्चों का बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को सुपोषण किट प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस दौरान बच्चों के अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्वच्छता तथा नियमित स्वास्थ्य देखभाल के महत्व के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में गोद भराई एवं अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक किया गया।
खिलौना दान अभियान से मिली बच्चों की खुशियों को नई मंजिल
सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में संचालित खिलौना संग्रह रथ के माध्यम से नागरिकों द्वारा दान किए गए उपयोगी खिलौनों का वितरण भी आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को किया गया। नागरिकों की सहभागिता से एकत्र इन खिलौनों का उपयोग बच्चों की खेल आधारित शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों एवं सर्वांगीण विकास के लिए किया जाएगा।
सुपोषण चौपाल और मातृ संवाद से बढ़ेगी जागरूकता
“आंगन मिलन सेवा सम्मान” कार्यक्रम के तहत जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में सुपोषण चौपाल, मातृ संवाद सहित विभिन्न जन-जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता आधारित गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इनके माध्यम से माताओं एवं अभिभावकों को बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल विकास से जुड़ी उपयोगी जानकारी दी जा रही है।
बच्चों के लिए आयोजित हुआ विशेष न्योता भोज
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों के लिए विशेष न्योता भोज का आयोजन भी किया गया। बच्चों को खीर, पूरी एवं छोले परोसे गए। जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय समुदाय की सहभागिता से आयोजित इस गतिविधि ने बच्चों के साथ आत्मीय जुड़ाव के साथ सामुदायिक भागीदारी का संदेश दिया।
6 अक्टूबर तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में होंगे कार्यक्रम
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत “आंगन मिलन सेवा सम्मान” सहित विभिन्न गतिविधियां 25 सितंबर से 6 अक्टूबर 2026 तक जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित की जाएंगी। इन आयोजनों में जनप्रतिनिधियों, स्थानीय समुदाय, अभिभावकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया जाएगा।
147 आंगनबाड़ी केंद्रों में हुआ आयोजन
आज जिले के 147 आंगनबाड़ी केंद्रो में आंगन मिलन सेवा सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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//समाचार//
सेवा मेरा योगदान – दिव्यांगजनों के जीवन में सुविधा और आत्मविश्वास की नई रोशनी
सेवा संकल्प अभियान के तहत कोरबा में दिव्यांग सहायता शिविर आयोजित, सहायक उपकरण पाकर खिले दिव्यांगजनों के चेहरे
हर दिव्यांगजन तक पहुंचे सुविधा और सम्मानरू कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत
ब्रेल किट और श्रवण यंत्र से बच्चों की सीखने की राह हुई आसान
कोरबा 25 सितम्बर 2026/
किसी जरूरतमंद के जीवन को आसान बनाने से बड़ी सेवा कोई नहीं। इसी संवेदनशील भावना के साथ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कोरबा शहर के सीएसईबी जूनियर क्लब पूर्व में दिव्यांग सहायता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिले के विभिन्न ग्रामों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उत्साहपूर्वक पहुंचे। यहां दिव्यांगजनों का विशेष मूल्यांकन एवं परीक्षण किया गया तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें सहायक उपकरण, दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन, श्री गोपाल मोदी, डॉ राजीव सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों की सेवा और उनके जीवन को सुगम बनाने में सहयोग करना ईश्वर की सेवा के समान है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना के साथ आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सहायक उपकरण केवल सुविधा का साधन नहीं हैं, ये दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का संबल देते हैं। कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने दिव्यांगजनों से आग्रह किया कि शिविर में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं और अपने अधिकारों एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें।
श्री गोपाल मोदी ने कहा कि दिव्यांगजनों के चेहरे पर आने वाली खुशी और उनके जीवन में बढ़ता आत्मविश्वास ही सेवा के वास्तविक अर्थ को सार्थक करता है। जरूरत के समय किसी व्यक्ति को सहारा देना और उसकी क्षमता को आगे बढ़ने का अवसर देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें अधिक सहज और आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने शिविर में उपस्थित दिव्यांगजनों और उनके परिजनों से शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लेने का आग्रह किया।
शिविर में दिव्य ज्योति विशेष स्कूल और उमंग दिव्यांग स्कूल के दृष्टिबाधित एवं श्रवण बाधित बच्चों को ब्रेल किट और श्रवण किट प्रदान की गई। बच्चों को उनकी जरूरत के ये उपयोगी उपकरण मिलते ही उनके चेहरों पर खुशी और उत्साह की चमक दिखाई दी। ब्रेल किट और श्रवण किट उनके लिए पढ़ाई और सीखने की राह को और सुगम बनाने में सहायक होंगे। बच्चों की आंखों और चेहरे पर झलकी प्रसन्नता ने पूरे शिविर के वातावरण को भावुक और आत्मीय बना दिया। कलेक्टर श्री दुदावत ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी।
शिविर में जिले के विभिन्न ग्रामों से पहुंचे दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप श्रवण यंत्र, मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, वॉकिंग स्टिक सहित अन्य सहायक उपकरण प्रदान किए गए। ’साथ ही अनेक दिव्यांगों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।’
सहायक उपकरण प्राप्त करते समय दिव्यांगजनों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। इन उपकरणों से उनके आवागमन और दैनिक जीवन की गतिविधियों में सुविधा बढ़ेगी तथा वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने कार्य कर सकेंगे।
सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए जनपद पंचायतवार विशेष मूल्यांकन एवं परीक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर आवश्यक परीक्षण, मार्गदर्शन और शासकीय सुविधाओं से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। ‘सेवा मेरा योगदान’ की भावना से आयोजित यह पहल दिव्यांगजनों के जीवन में सुविधा, सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ाने की दिशा में सार्थक प्रयास बन रही है।