सेवा की कहानीः खाली पड़ी जमीन पर बनी डबरी, सनी लाल को मछली पालन के साथ मिली सिंचाई की सुविधा
अम्बिकापुर, 30 सितम्बर 2026/sns/- जिस जमीन का पहले कोई उपयोग नहीं हो पा रहा था, आज उसी जमीन पर बनी डबरी सनी लाल के लिए आजीविका का नया माध्यम बन रही है। ग्रामीण रोजगार योजना के तहत निर्मित डबरी से उन्हें मछली पालन के साथ खेती के लिए सिंचाई की सुविधा भी मिली है। डबरी में मछली पालन शुरू करने के बाद अब वे मछलियों की बिक्री से अतिरिक्त आमदनी प्राप्त करने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं डबरी में उपलब्ध पानी का उपयोग साग-भाजी की खेती में भी कर रहे हैं।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आई यह कहानी बताती है कि ग्रामीण क्षेत्र में जल संरक्षण के लिए निर्मित डबरी किस तरह परिवार की आजीविका से जुड़ रही है। सनी लाल, पिता शिवचरन ने बताया कि पहले उनकी जमीन खाली पड़ी रहती थी। ग्रामीण रोजगार योजना से डबरी बनने के बाद अब जमीन का उपयोग बढ़ा है और खेती के लिए पानी की सुविधा उपलब्ध हुई है।
मछली पालन से अतिरिक्त आय की तैयारी
सनी लाल ने डबरी में मछली पालन शुरू किया है। उनका उद्देश्य मछलियों को तैयार कर बाजार में बेचकर आय अर्जित करना है। इससे दैनिक आजीविका के साथ आय का एक अतिरिक्त साधन विकसित होने की उम्मीद है।
डबरी का लाभ केवल मछली पालन तक सीमित नहीं है। इसमें संग्रहित पानी का उपयोग वे आसपास की जमीन पर साग-भाजी लगाने और सिंचाई के लिए भी कर रहे हैं। इससे पहले खाली रहने वाली जमीन को खेती के उपयोग में लाने का अवसर मिला है।
पहले जमीन खाली रहती थी, अब लगा रहा हूं साग-भाजी
सनी लाल बताते हैं, “पहले जमीन खाली रहती थी। ग्रामीण रोजगार योजना से डबरी बनी है। इसमें मछली पाले हैं, जिसे बेचकर लाभ लेना है। डबरी बनने से सिंचाई की सुविधा मिली है और अब मैं साग-भाजी भी लगाता हूं।”
डबरी ने सनी लाल के लिए एक ही स्थान पर जल संरक्षण, सिंचाई और मछली पालन की संभावनाएं तैयार की हैं। उपलब्ध जल का खेती में उपयोग होने से खाली जमीन को उपयोग में लाने में भी मदद मिली है।
डबरी निर्माण से मिली सुविधा के लिए सनी लाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।