सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने कार्यशाला 5 एवं 6 अक्टूबर को
कवर्धा, 01 अक्टूबर 2026/sns/- कबीरधाम जिले के स्थानीय उत्पादकों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, निर्यात की संभावनाओं एवं प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने तथा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आरएएमपी योजना के तहत दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला का आयोजन 5 एवं 6 अक्टूबर 2026 को होटल रॉयल सेलिब्रेशन, रायपुर रोड, कवर्धा, जिला कबीरधाम में किया जाएगा। कार्यशाला में जिले के स्थानीय उत्पादकों, उद्यमियों एवं उत्पाद निर्माण से जुड़े प्रतिभागियों को अपने उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
कार्यशाला में विशेष रूप से गन्ने से निर्मित उत्पादों के निर्माताओं एवं स्थानीय उत्पादकों को निर्यात की प्रक्रिया, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उत्पादों की संभावनाएं, उत्पादों की गुणवत्ता एवं आवश्यक मानक, बाजार से जुड़ने के अवसर तथा निर्यात के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। प्रतिभागियों को स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने, उत्पाद की गुणवत्ता एवं पैकेजिंग में सुधार, बाजार की आवश्यकताओं को समझने तथा निर्यात की संभावनाओं का लाभ उठाने से संबंधित जानकारी प्रदान की जाएगी।
नवाचार को मिलेगा प्रोत्साहन
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला में नवाचार चुनौती के माध्यम से स्थानीय स्तर पर नए विचारों, उत्पादों एवं उद्यमशीलता की संभावनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका उद्देश्य जिले के स्थानीय संसाधनों एवं उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराते हुए उत्पादकों एवं उद्यमियों के लिए नए अवसर विकसित करना है।
स्थानीय उत्पादक एवं उद्यमी अवश्य हों शामिल
जिले के स्थानीय उत्पादकों, गन्ना आधारित उत्पाद निर्माताओं, उद्यमियों तथा स्थानीय उत्पादों से जुड़े अन्य इच्छुक लोगों से कार्यशाला में शामिल होकर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जुड़ने की प्रक्रिया, निर्यात संबंधी आवश्यकताओं एवं उपलब्ध अवसरों की जानकारी प्राप्त करने की अपील की गई है।
समाचार क्रमांक-1408/ चंद्रेश/निखलेश
दुर्गा पंडालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील
कवर्धा, 01 अक्टूबर 2026। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर जिले में विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए जाने वाले दुर्गा पंडालों में अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी ने सभी पंडाल आयोजकों से आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंडाल निर्माण से लेकर विद्युत व्यवस्था एवं अन्य गतिविधियों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।
अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से पंडाल की ऊंचाई किसी भी स्थिति में 3 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए। पंडाल निर्माण में सिंथेटिक सामग्री से बने कपड़े अथवा रस्सी का उपयोग नहीं किया जाए। पंडाल के चारों ओर कम से कम 4 से 5 मीटर खुला स्थान रखा जाए, ताकि आपात स्थिति में श्रद्धालु सुरक्षित रूप से बाहर निकल सकें। पंडाल को बिजली की लाइन के नीचे अथवा बिजली ट्रांसफार्मर के नजदीक किसी भी स्थिति में स्थापित नहीं किया जाए। इसी प्रकार पंडाल रेलवे लाइन, बिजली सब-स्टेशन, चिमनी अथवा भट्टी से कम से कम 15 मीटर की दूरी पर स्थापित किया जाए।
विद्युत तारों के जोड़ किसी भी स्थिति में खुले नहीं होने चाहिए तथा जहां तक संभव हो सुरक्षित पोर्सलीन कनेक्टर का उपयोग किया जाए। पंडाल में आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखी जाए। विद्युत सर्किट, बल्ब, ट्यूब लाइट आदि पंडाल के किसी भी हिस्से से कम से कम 15 सेंटीमीटर की दूरी पर लगाए जाएं। पंडाल अथवा अस्थायी निर्माण के अंदर हैलोजन लाइट का उपयोग किसी भी स्थिति में नहीं किया जाए।
पंडाल के अंदर भट्टी का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। यदि किसी कारणवश भट्टी का उपयोग आवश्यक हो तो पंडाल से अलग स्थान पर टीन शेड की व्यवस्था कर उसका उपयोग किया जाए। हवन कुंड का उपयोग आवश्यक होने पर संबंधित स्थल एवं आसपास अग्नि सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। पंडाल के अंदर अथवा उसके आसपास आतिशबाजी का प्रयोग नहीं किया जाए तथा पंडाल के अंदर एवं आसपास धूम्रपान भी न किया जाए।
पंडाल में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था के लिए कम से कम 4-4 किलोग्राम क्षमता के दो फायर एक्सटिंग्विशर तथा प्रति वर्गमीटर क्षेत्रफल के लिए 0.75 लीटर पानी ड्रम अथवा बाल्टियों में सुरक्षित रखा जाना चाहिए। जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी ने सभी दुर्गा पंडाल आयोजकों से अपील की है कि नवरात्रि पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति को देखते हुए अग्नि सुरक्षा के सभी आवश्यक उपायों का गंभीरता से पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव किया जा सके और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।