सेवा और संवेदना की मिसाल
दुर्ग, 2 अक्टूबर 2026/sns/- शासन का मूल ध्येय नागरिकों के कल्याण और अंत्योदय की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक राहत पहुँचाना है। जन-सेवा के प्रति इसी समर्पण और दृढ़ संकल्प का प्रत्यक्ष उदाहरण दुर्ग शहर के पोलसाय पारा निवासी बालक विनय उमरे के जीवन में देखने को मिला, जिसे आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से नई आरोग्य दृष्टि और संबल प्राप्त हुआ।
बालक विनय उमरे लंबे समय से कान के पर्दे में छेद की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। इस व्याधि के कारण वह न केवल शारीरिक पीड़ा का अनुभव कर रहा था, बल्कि दैनिक जीवन के कार्यों को सामान्य रूप से पूरा करने में भी उसे भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। चिकित्सीय परामर्श के उपरांत डॉक्टरों ने कान के पर्दे के ऑपरेशन की तत्काल आवश्यकता जताई, जिसका संभावित खर्च लगभग ₹36,000 बताया गया। एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए यह राशि आर्थिक रूप से अत्यंत चिंताजनक और मानसिक दबाव उत्पन्न करने वाली थी। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में नागरिकों के प्रति संवेदनशील शासन व्यवस्था और आयुष्मान भारत योजना एक वरदान बनकर सामने आई। योजना के अंतर्गत विनय उमरे का संपूर्ण इलाज और ऑपरेशन पूर्णतः निःशुल्क संपन्न हुआ। पूरी उपचार प्रक्रिया का वित्तीय भार योजना के तहत वहन किया गया, जिससे पीड़ित परिवार को बड़ी आर्थिक राहत मिली। सफल ऑपरेशन के पश्चात राहत महसूस कर रहे विनय उमरे के अभिभावकों ने अत्यंत भावुक होकर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि आयुष्मान योजना का सहारा न मिलता, तो इस भारी राशि की व्यवस्था करना उनके लिए अत्यंत कठिन होता। समय पर मिले इस निःशुल्क इलाज ने न केवल उनके परिवार को आर्थिक संकट से बचाया, बल्कि उनके भीतर उत्तम स्वास्थ्य और जीवन के प्रति एक नया विश्वास भी जगाया है।