कच्ची झोपड़ी से पक्के आशियाने तक पहुंचा सुखल कोरवा का परिवार
अम्बिकापुर, 07 अक्टूबर 2026/sns/- कभी कच्ची झोपड़ी में परिवार के साथ जीवन बिताने वाले जनपद पंचायत लुण्ड्रा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सासोली निवासी सुखल कोरवा के लिए पक्का घर महज एक सपना था। बारिश के दिनों में झोपड़ी की छत से टपकता पानी और मौसम की मार के बीच परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने उनके इस सपने को हकीकत में बदल दिया है।सुखल कोरवा विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा समुदाय से हैं। उनका आवास प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत स्वीकृत हुआ। योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में 2 लाख रुपये की स्वीकृति मिली। इसके बाद आवास निर्माण का कार्य शुरू हुआ और शासन की विभिन्न योजनाओं के सहयोग से आज उनका परिवार अपने पक्के और सुरक्षित घर में रह रहा है।
आवास निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता के साथ ही उन्हें मनरेगा के तहत 90 दिनों की मजदूरी का भुगतान भी सीधे उनके खाते में किया गया। इससे परिवार को घर निर्माण में स्वयं श्रम करने के साथ आर्थिक सहयोग भी मिला। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
सचिव, रोजगार सहायक एवं तकनीकी सहायकों द्वारा समय-समय पर मार्गदर्शन और निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग की गई तथा आवास की किस्तों का भुगतान सुनिश्चित किया गया। शासन की योजनाओं के समन्वित लाभ से सुखल कोरवा का परिवार आज अपने नए पक्के घर में सुरक्षित जीवन जी रहा है।
सुखल कोरवा कहते हैं, “पहले हमारा परिवार कच्ची झोपड़ी में रहता था। बारिश में बहुत परेशानी होती थी। अब मेरे बच्चे पक्के घर में सुरक्षित रहेंगे और अच्छी तरह पढ़ सकेंगे। नया पक्का मकान केवल एक आवास नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक है।