सागौन की अवैध कटाई पर वन विभाग की कार्रवाई, 4.283 घन मीटर लकड़ी बरामद
कवर्धा, 15 अक्टूबर 2026/sns/- वन संपदा की सुरक्षा के लिए वन अमले की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से तरेगांव वन परिक्षेत्र में सागौन की लकड़ी चोरी करने का प्रयास विफल हो गया। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के कवर्धा परियोजना मंडल अंतर्गत लीलादादर बीट में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा काटे गए पांच सागौन वृक्षों से प्राप्त 4.283 घन मीटर इमारती लकड़ी बरामद की गई। जप्त लकड़ी का शासकीय मूल्य लगभग 1.70 लाख रुपये है। वन अमले की तत्परता से आरोपी लकड़ी ले जाने में सफल नहीं हो सके।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 जून 2026 को सुबह करीब 6 बजे ग्राम मगरवाड़ा के ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी कि लीलादादर बीट के संरक्षित वन क्षेत्र कक्ष क्रमांक पीएफध्411 में वर्ष 1973 के सागौन रोपण क्षेत्र में अवैध कटाई की जा रही है। सूचना मिलते ही तरेगांव वन परिक्षेत्र के अधिकारी, कर्मचारी और बीट सुरक्षा श्रमिक मौके पर पहुंचे तथा घेराबंदी की। वन अमले की सक्रियता देखकर अज्ञात आरोपी लकड़ी छोड़कर फरार हो गए। मौके पर पांच सागौन वृक्ष कटे हुए मिले। उनसे प्राप्त लकड़ी को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। वन विभाग ने मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 33(1)(घ) एवं 52 के तहत प्राथमिक वन अपराध प्रकरण क्रमांक 18379ध्17 दर्ज किया है। स्थानीय साक्षियों की उपस्थिति में मौका पंचनामा और जप्तीनामा तैयार कर 4.283 घन मीटर सागौन इमारती लकड़ी जप्त की गई। लकड़ी को विभागीय काष्ठागार बोड़ला में सुरक्षित रखा गया है।
मंडल प्रबंधक श्री सुनील कुमार के निर्देशन और उप मंडल प्रबंधक श्री पीताम्बर साहू के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। इसमें परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी श्री जागेश गोंड, सहायक परियोजना क्षेत्रपाल श्री शैलेन्द्र चंद्रा एवं श्री जय प्रकाश जांगड़े सहित सुरक्षा श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विकास निगम द्वारा वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध कटाई रोकने के लिए रात्रिकालीन गश्त और निगरानी पर जोर दिया जा रहा है। फरार आरोपियों की पहचान के लिए सीमावर्ती गांवों में मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया है। वन विभाग ने वन संपदा की सुरक्षा में सहयोग करने वाले जागरूक ग्रामीणों को प्रोत्साहित एवं पुरस्कृत करने की भी बात कही है।