“सेवा संकल्प अभियान“ का कमाल, युवाओं के हुनर और नए विचारों को मिला

सुकमा, 16 अक्टुबर 2026/sns/- जिला प्रशासन सुकमा के मार्गदर्शन में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा “सेवा संकल्प अभियान“ (17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026) के अंतर्गत युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम उठाया गया है। प्रशासन की इस दूरदर्शी पहल के तहत “राष्ट्रीय इनोवेशन चौलेंज“ आयोजित कर जिले के विद्यार्थियों, स्टार्टअप उद्यमियों, तकनीकी विशेषज्ञों और नवाचार करने वाले युवाओं को अपनी रचनात्मक सोच व नए विचारों को प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर दिया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सुदूर वनांचल क्षेत्र के युवाओं को मुख्यधारा की तकनीकी क्रांति और उद्यमिता से जोड़ना है।
इस नवाचार अभियान के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सुशासन और डिजिटल सेवाओं जैसे जनकल्याणकारी क्षेत्रों में नए विचार, तकनीकी समाधान, मोबाइल ऐप्लिकेशन, सॉफ्टवेयर तथा नवाचार आधारित मॉडल आमंत्रित किए जा रहे हैं। तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे स्थानीय युवाओं को नौकरी की निर्भरता से आगे बढ़ाकर स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से 15 अक्टूबर 2026 को विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसके तहत युवाओं को स्टार्टअप नीति, नवाचारी विचारों के विकास और आधुनिक व्यावसायिक मॉडलों की बारीकियों से अवगत कराया गया। प्रशासन के इस प्रेरणादायी प्रयास को विद्यार्थियों का भी भरपूर समर्थन मिला। जिले के विभिन्न प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों में युवाओं ने बड़े उत्साह के साथ सहभागिता की। इसमें शासकीय आईटीआई सुकमा से 37, लाइवलीहुड कॉलेज सुकमा से 33 और शासकीय महाविद्यालय कोण्टा से 40 प्रतिभागियों सहित कुल 110 युवाओं ने राष्ट्रीय इनोवेशन चौलेंज में भाग लेकर जिले का नाम रोशन करने का संकल्प लिया। यह व्यापक भागीदारी दर्शाती है कि प्रशासन की योजनाएं धरातल पर युवाओं तक सफलतापूर्वक पहुंच रही हैं।
   जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री कैलाश कुमार कश्यप ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उनमें नवाचार की भावना को बढ़ावा दिया और राष्ट्रीय स्तर की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि तकनीकी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे PMEGP, PMFME, MSME और START-UP जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकते हैं। जिला प्रशासन का यह सशक्त प्रयास न केवल सुकमा के युवाओं को “जॉब सीकर“ के बजाय “जॉब क्रिएटर“ बनाने में मील का पत्थर साबित हो रहा है, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास को भी नई गति दे रहा है।

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