खनिज संसाधनों के व्यवस्थित विकास से बदलेगी कबीरधाम की आर्थिक तस्वीर

कवर्धा, 16 अक्टूबर 2026/sns/- प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग किसी भी जिले की आर्थिक प्रगति को नई दिशा दे सकता है। कबीरधाम जिले में बॉक्साइट एवं चूना पत्थर के छह संभावित खनिज ब्लॉकों का चिन्हांकन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। खनिज क्षेत्रों की पहचान से जिले में उपलब्ध खनिज संपदा के वैज्ञानिक, पारदर्शी एवं पर्यावरण अनुकूल विकास की संभावनाएं बढ़ी हैं। इन संसाधनों का नियमानुसार विकास भविष्य में शासन के खनिज राजस्व में वृद्धि, स्थानीय रोजगार के अवसरों के विस्तार और जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में सहायक बन सकता है।

छह संभावित खनिज ब्लॉकों से विकास की नई उम्मीद

कबीरधाम जिले में खनिज विभाग द्वारा बॉक्साइट के चार संभावित ब्लॉकों सेंदुरखार, सरायपानी, चंद्रादार एवं बनगौरा का चिन्हांकन किया गया है। वहीं, चूना पत्थर के दो संभावित ब्लॉक भिखुरिया-चांटा तथा बिरूटोला-नवापारा-सोहागपुर चिन्हांकित किए गए हैं। इन क्षेत्रों की पहचान से जिले में खनिज संसाधनों के नियोजित उपयोग की संभावनाएं सामने आई हैं। आगे की नियमानुसार प्रक्रिया और आवश्यक अनुमतियों के आधार पर इन खनिज क्षेत्रों का विकास जिले की आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

खनिज राजस्व के साथ स्थानीय रोजगार को मिलेगा प्रोत्साहन

संभावित खनिज ब्लॉकों का नियमानुसार विकास होने पर खनन से जुड़ी गतिविधियों के साथ परिवहन, श्रमिक सेवाओं, मशीनरी संचालन और अन्य सहायक व्यवसायों के विस्तार की संभावनाएं बन सकती हैं। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है। खनिज आधारित आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि से जिले में व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है। साथ ही, खनिज क्षेत्रों के व्यवस्थित संचालन से शासन को राजस्व प्राप्ति के नए अवसर उपलब्ध हो सकते हैं, जो विकास कार्यों के लिए आर्थिक संसाधन बढ़ाने में सहायक होंगे।

वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल खनन पर जोर

खनिज संसाधनों का विकास तभी सार्थक होगा, जब उनका उपयोग निर्धारित नियमों, पर्यावरणीय मानकों और पारदर्शी प्रक्रियाओं के अनुरूप किया जाए। संभावित खनिज क्षेत्रों के विकास में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय हितों को प्राथमिकता देना आवश्यक है। वैज्ञानिक तरीके से खनन और नियमानुसार संचालन से संसाधनों का जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है।

संसाधनों के बेहतर उपयोग से जिले की अर्थव्यवस्था को नई दिशा

कबीरधाम जिले में छह संभावित खनिज ब्लॉकों का चिन्हांकन खनिज संपदा के बेहतर उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इन क्षेत्रों का नियमानुसार विकास भविष्य में खनिज राजस्व बढ़ाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहित करने और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार का आधार बन सकता है। इस प्रकार, खनिज संसाधनों की पहचान से लेकर उनके वैज्ञानिक एवं सतत विकास तक के प्रयास जिले की आर्थिक प्रगति के लिए नई संभावनाएं खोल सकते हैं।
समाचार क्रमांक-1512/चंद्रेश फोटो/03-04

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से संतोषी चंद्रवंशी के स्वरोजगार को मिला आधार

50 हजार रुपये के ऋण से सिलाई और कपड़ा व्यवसाय को आगे बढ़ाने का मिला अवसर

कवर्धा, 16 अक्टूबर 2026। छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए समय पर आर्थिक सहायता मिलना किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। पूंजी की उपलब्धता से न केवल कारोबार को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलती है, बल्कि आजीविका को भी मजबूती मिलती है। कबीरधाम जिले के कवर्धा नगर के वार्ड क्रमांक 03 निवासी श्रीमती संतोषी चंद्रवंशी के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना आर्थिक संबल का माध्यम बनी है। योजना के तहत मिले 50 हजार रुपये के ऋण से उन्हें अपने सिलाई और कपड़ा व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।
श्रीमती संतोषी चंद्रवंशी, पति श्री दीपक चंद्रवंशी, सिलाई, पीकू-फॉल और कपड़ा विक्रय का कार्य करती हैं। इसी व्यवसाय से वे अपने परिवार की आजीविका चलाती हैं। व्यवसाय के संचालन के लिए पूंजी की आवश्यकता होने पर उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत इंडियन ओवरसीज बैंक, कवर्धा शाखा से 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्हें अपने काम के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग मिला और व्यवसाय को निरंतर जारी रखने में मदद मिली। संतोषी चंद्रवंशी प्रतिमाह 1,600 रुपये की किश्त जमा कर रही हैं। वे अपने व्यवसाय से होने वाली आय के माध्यम से परिवार की आजीविका चलाने के साथ ऋण की किश्तों का भुगतान भी कर रही हैं। उनका यह प्रयास स्वरोजगार के प्रति प्रतिबद्धता और आर्थिक जिम्मेदारी का उदाहरण है।
कबीरधाम जिले में संचालित सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने और पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना छोटे व्यवसायियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है। जरूरत के समय मिलने वाली वित्तीय सहायता छोटे कारोबार को संबल देने और आजीविका के साधनों को मजबूत बनाए रखने में सहायक हो सकती है।

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