कृषि उन्नति योजना: खरीफ फसलों के पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर
कवर्धा, 22 अक्टूबर 2026/sns/- राज्य शासन की कृषि उन्नति योजना के तहत खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में फसलों के पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। जिले के सभी पात्र किसानों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराने के साथ ही फसल एवं रकबे से संबंधित विवरण का सत्यापन और आवश्यक संशोधन कराने की अपील की गई है।
राज्य शासन द्वारा किसानों को कृषि कार्यों में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने तथा खेती की लागत का बोझ कम करने के उद्देश्य से कृषि उन्नति योजना संचालित की जा रही है। योजना के माध्यम से किसानों को उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण एवं नवीन तकनीकों के उपयोग में सहायता प्रदान करने का लक्ष्य है। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं तथा समर्थन मूल्य पर धान एवं अन्य फसलों के उपार्जन का लाभ दिलाने के लिए एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। उप संचालक कृषि ने बताया कि शासन की नीति के अनुसार, निर्धारित पात्रता एवं शर्तों को पूरा करने वाले पंजीकृत किसानों को ही योजना का लाभ मिलेगा। अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 के बाद नया पंजीयन अथवा संशोधन स्वीकार नहीं किए जाने का प्रावधान है।
इन स्थानों पर करा सकते हैं पंजीयन
किसान अपने नजदीकी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (लैम्प्सध्पैक्स) में संपर्क कर पंजीयन करा सकते हैं। इसके लिए कृषि विभाग के मैदानी अमले से भी सहयोग लिया जा सकता है। पंजीयन के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक की स्पष्ट छायाप्रति, आधार सीडेड एवं डीबीटी सक्रिय बैंक खाते का विवरण तथा ऋण पुस्तिका अथवा बी-1, पी-2 जैसे भूमि संबंधी अभिलेख आवश्यक होंगे। पहले से पंजीकृत किसानों को फसल या रकबे में संशोधन के लिए संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे।
अन्य खरीफ फसलों की खेती पर मिलेगी आदान सहायता
योजना के तहत एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टैक पर पंजीकृत तथा निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले पात्र किसानों को आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। विगत खरीफ मौसम में धान की खेती करने वाले ऐसे किसान, जो आगामी खरीफ मौसम में धान के स्थान पर अन्य फसल की खेती के लिए पंजीयन कराते हैं, उन्हें एग्रीस्टैक पंजीयन तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे में रकबे की पुष्टि होने के बाद पात्र रकबे पर 15,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता प्रदान की जाएगी। इसी तरह, खरीफ मौसम में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास की खेती करने वाले पात्र किसानों को आवश्यक पंजीयन एवं रकबे के सत्यापन के बाद 10,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता दी जाएगी। रकबे एवं फसल की पुष्टि डिजिटल क्रॉप सर्वे के आंकड़ों के आधार पर की जाएगी। जहां डिजिटल क्रॉप सर्वे का डेटा उपलब्ध नहीं होगा, वहां कलेक्टर की अनुमति से फसल गिरदावरी के आंकड़ों के आधार पर सत्यापन किया जा सकेगा। योजना के तहत सहायता राशि का भुगतान किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से किया जाएगा।
किसानों से समय-सीमा के भीतर पंजीयन कराने की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपना पंजीयन एवं आवश्यक संशोधन पूरा करा लें। पहले से पंजीकृत किसान भी अपने फसल विवरण, रकबे, बैंक खाता संख्या तथा सक्रिय मोबाइल नंबर की जांच कर लें, ताकि उपार्जन के समय तकनीकी समस्या या भुगतान में विलंब की स्थिति उत्पन्न न हो। कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं पटवारी मैदानी स्तर पर सत्यापन का कार्य कर रहे हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खसरे का सत्यापन कराकर 31 अक्टूबर 2026 से पहले पंजीयन की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी कर लें।