ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रशासन की पहल
सुकमा, 22 अक्टुबर 2026/sns/- कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशानुसार जिले में ग्रामीणों की आजीविका सुदृढ़ करने और किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा संचालित वाटरशेड विकास परियोजना क्रमांक-2, छिंदगढ़ के अंतर्गत मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड छिंदगढ़ के ग्राम मारेंगा, लिटिरास, जैमेर, टाहकवाड़ा एवं हमीरगढ़ के कुल 48 मत्स्य कृषकों को मछली बीज, आइस बॉक्स, मछली पकड़ने के जाल एवं मत्स्य आहार (फीड) वितरित किए गए। इस पहल से ग्रामीण मत्स्य कृषकों को उत्पादन बढ़ाने, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्वरोजगार को मजबूत बनाने में प्रत्यक्ष सहयोग मिलेगा।
वितरित सामग्री से हितग्राहियों को मत्स्य पालन की विभिन्न गतिविधियों में व्यावहारिक लाभ प्राप्त होगा। मछली बीज और मत्स्य आहार से मछली पालन एवं उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी, वहीं मछली पकड़ने के जाल से मछलियों को निकालने तथा आइस बॉक्स से उन्हें सुरक्षित रखने और बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। इससे मछलियों की गुणवत्ता बनाए रखने, परिवहन के दौरान नुकसान कम करने और उत्पादों के बेहतर विपणन की संभावनाएं बढ़ेंगी। आवश्यक सामग्री उपलब्ध होने से हितग्राहियों को अपनी आजीविका गतिविधियों के संचालन में सहूलियत मिलेगी तथा संसाधनों के अभाव से उत्पन्न होने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को कम करने में मदद मिलेगी।
इस योजना का लाभ केवल मत्स्य पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के अवसर भी विकसित होंगे। मत्स्य उत्पादन और विपणन गतिविधियों में सुधार होने से हितग्राहियों को नियमित आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने में सहायता मिल सकती है। इससे कृषि पर निर्भर परिवारों को आजीविका के वैकल्पिक साधन मिलेंगे, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। वाटरशेड विकास परियोजना के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ उनका आजीविका के लिए उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को सहायता प्रदान करने के साथ उन्हें दीर्घकालीन आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना है।
जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन, स्वरोजगार को प्रोत्साहन और किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मत्स्य पालन सामग्री वितरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे हितग्राही उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर अपनी उत्पादन क्षमता और विपणन गतिविधियों को बेहतर बना सकेंगे। कार्यक्रम में श्रीमती फूलमती नाग, सरपंच ग्राम पंचायत जैमेर, श्री लक्ष्मण मरकाम, ग्राम पंचायत हमीरगढ़ के प्रतिनिधि, श्रीमती रामबती नाग, सरपंच तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों को आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयासों को मजबूती मिल रही है।