चक्रवाती तूफान के प्रभाव से भारी बारिश की संभावना, कलेक्टर श्रीमती तनुजा सलाम ने ली बैठक
मोहला, 26 अक्टूबर 2026/sns/- चक्रवाती तूफान के प्रभाव से जिले में आगामी दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित वर्षा से जनजीवन, कृषि कार्यों, फसलों एवं पशुधन को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए कलेक्टर श्रीमती तनुजा सलाम ने अधिकारियों की बैठक लेकर आपदा प्रबंधन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने, मैदानी अमले को सक्रिय रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती सलाम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी करने, ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सतर्कता बरतने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल कार्रवाई की जाए और प्रभावित लोगों को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
कलेक्टर ने पशुधन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पशुपालकों से अपने पशुओं को सुरक्षित एवं सूखे स्थानों पर रखने की अपील की है। तेज हवा और बारिश के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे या खुले असुरक्षित स्थानों पर बांधने से बचें। जिला प्रशासन ने जिले के किसानों एवं आम नागरिकों से मौसम संबंधी पूर्वानुमान पर नजर रखने, अनावश्यक जोखिम से बचने तथा संबंधित विभागों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन द्वारा संभावित भारी बारिश को देखते हुए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है, ताकि जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ फसलों, पशुधन एवं अन्य संपत्तियों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
- किसानों को फसल सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार चक्रवाती तूफान के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए किसानों को कृषि कार्यों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जिन खेतों में धान, दलहन एवं तिलहन की फसलें पकने की अवस्था में हैं, वहां आगामी दो से चार दिनों तक कटाई का कार्य स्थगित करने के साथ ही जिन किसानों ने फसल काट ली है, वे उसे सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है, ताकि बारिश से फसल को नुकसान न पहुंचे। साथ ही खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था करने को कहा गया है।