लू के लक्षण एवं बचाव के संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने दी जानकारी

रायगढ़, 13 अप्रैल 2026/sns/-जिले में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है। कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने लू के लक्षण, बचाव और प्राथमिक उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी जारी करते हुए नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ग्रीष्म ऋतु में लू का प्रभाव गंभीर हो सकता है, इसलिए सभी लोग आवश्यक एहतियात अपनाएं। घर से बाहर निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के, सूती एवं ढीले कपड़े पहनें। धूप में निकलते समय सिर को ढंककर रखें तथा छतरी, टोपी या कपड़े का उपयोग करें। साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने दें और नियमित रूप से पानी, छाछ, ओआरएस घोल, लस्सी, नींबू पानी और आम का पना जैसे पेय पदार्थों का सेवन करते रहें।
लू के लक्षण पहचानें, तुरंत करें प्राथमिक उपचार और लें चिकित्सकीय सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लू के प्रमुख लक्षणों में सिरदर्द, तेज बुखार, उल्टी, अत्यधिक पसीना, बेहोशी, कमजोरी, शरीर में ऐंठन और नब्ज का असामान्य होना बताया है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सतर्क हो जाना जरूरी है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर लिटाएं, उसके कपड़े ढीले करें और ठंडे पानी की पट्टियां रखें, ताकि शरीर का तापमान कम किया जा सके। साथ ही उसे तरल पदार्थ जैसे पानी, ओआरएस घोल या कच्चे आम का पना पिलाएं। उन्होंने यह भी कहा कि धूप में खाली पेट न निकलें, ज्यादा मिर्च-मसाले या बासी भोजन से परहेज करें और कूलर या एसी से निकलकर अचानक तेज धूप में जाने से बचें। यदि स्थिति गंभीर हो तो प्रभावित व्यक्ति को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि लापरवाही न बरतें और लू से बचाव के उपायों का पालन कर सुरक्षित रहें।

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