रसायनिक खाद पर निर्भरता घटाने की पहल हरी खाद व नील हरित काई से खेती को मिलेगी नई दिशा

मुंगेली, 24 अप्रैल 2026/sns/- खेती की लागत कम करने और मिट्टी की सेहत सुधारने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा जिले के कृषकों को संतुलित उर्वरकों के उपयोग के साथ-साथ जैविक विकल्प अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों द्वारा गांव-गांव में शिविर एवं चौपाल आयोजित कर किसानों को हरी खाद एवं नील हरित काई (ब्लू-ग्रीन एल्गी) के उपयोग के लाभों की जानकारी दी जा रही है। इन प्राकृतिक विकल्पों के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है, उत्पादन लागत घटती है तथा मृदा की उर्वरता और दीर्घकालिक स्थिरता बनी रहती है।
कृषि विभाग के उपसंचालक ने बताया कि व्यावहारिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए बीज निगम धरमपुरा में नील हरित काई उत्पादन हेतु संरचना का निर्माण किया जा रहा है। अधिकारियों ने निर्माण प्रक्रिया को समझते हुए इसे गांव स्तर पर लागू करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, वे नील हरित काई का उत्पादन कर अपने खेतों में उपयोग करें। विभाग द्वारा इसके लिए “मदर कल्चर” भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान इस तकनीक को अपनाकर लाभान्वित हो सकें।

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