नवीन तेंदूपत्ता नीति पर जिला स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण संग्रहण पर जोर

बीजापुर 02अप्रैल 2026/sns/- नवीन तेंदूपत्ता नीति के तहत तेंदूपत्ता संग्रहण, उपचारण, परिवहन एवं भंडारण सीजन 2026 को लेकर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन बांसागार डिपो बीजापुर में किया गया। कार्यशाला में कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र यादव, वनमण्डलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक श्री आरके जांगड़े भावसे, उप निदेशक इंद्रावती टाइगर रिजर्व श्री संदीप बलगा भावसे सहित जिला यूनियन के अध्यक्ष श्री सीताराम मांझी, वन विभाग, शिक्षा, राजस्व एवं पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और तेंदूपत्ता सीजन से जुड़े फड़ अभिरक्षक व फड़मुंशी उपस्थित रहे। वनमण्डलाधिकारी श्री आरके जांगड़े ने पत्तों की वर्तमान स्थिति को देखते हुए परिपक्व पत्तों का शीघ्र संग्रहण प्रारंभ करने के निर्देश दिए, ताकि उपचारण कार्य में विलंब न हो और पत्तों की गुणवत्ता बनी रहे। उन्होंने जिन संग्राहकों के बैंक खाते नहीं हैं, उनके खाते खुलवाकर भुगतान सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही आंधी-तूफान जैसी स्थिति में समयसीमा के भीतर बीमा संबंधी जानकारी प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया।
उप निदेशक श्री संदीप बलगा ने सभी को गंभीरता के साथ संग्रहण कार्य करने और पारिश्रमिक का भुगतान खातों के माध्यम से शीघ्र करने के निर्देश दिए। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री जोगेश्वर कौशल ने तेंदूपत्ता संग्रहण अवधि सीमित होने का उल्लेख करते हुए समयबद्ध तरीके से संग्रहण से भंडारण तक सभी कार्य पूर्ण करने पर बल दिया।
पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र यादव ने पिछले वर्ष संग्रहण में आई कमी का जिक्र करते हुए इस वर्ष अधिक से अधिक तेंदूपत्ता तोड़ाई करने की अपील की। उन्होंने नक्सल संबंधी किसी भी प्रकार के दबाव या समस्या की स्थिति में पुलिस को तत्काल सूचित करने का आग्रह करते हुए हर स्तर पर सहयोग का आश्वासन दिया।
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने तेंदूपत्ता को जिले में आजीविका का प्रमुख साधन बताते हुए पिछले वर्ष कम संग्रहण से हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष बेहतर गुणवत्ता के अधिक से अधिक पत्तों के संग्रहण के निर्देश दिए। कार्यशाला में उपवनमण्डलाधिकारी श्री पीके नेताम ने संग्रहण से लेकर स्थायी गोदाम तक की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी तथा अच्छे पत्तों की पहचान, गड्डी बंधाई, बोराभराई और अभिलेख संधारण के बारे में व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। अंत में उपवनमण्डलाधिकारी श्री देवेन्द्र गौड़ ने सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

About The Author