पंचायत उप निर्वाचन के मद्देनजर कोलाहल नियंत्रण अधिनियम प्रभावशील
जगदलपुर, 11 मई 2026/sns/- छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायत उपचुनाव 2026 की अधिसूचना के साथ ही बस्तर जिले में चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई हैं। निर्वाचन प्रक्रिया के साथ ही पूरे जिले में आदर्श आचरण संहिता प्रभावी हो गई है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री आकाश छिकारा ने आदेश जारी करते हुए पूरे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। जारी इस आदेश के अनुसार निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बस्तर की सीमा के भीतर तीव्र संगीत, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित उपयोग और किसी भी प्रकार के अत्यधिक शोर को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसीलिए छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 10 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए अब तीव्र आवाजों, मोटर वाहनों के प्रेशर हॉर्न और मशीनों से होने वाले शोर पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
हालांकि निर्वाचन प्रचार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कुछ शर्तों के साथ अनुमति हेतु प्रावधान किया गया है। जिसके तहत चुनावी प्रचार के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग केवल कम आवाज में सुबह 6 बजे से लेकर रात 10 बजे तक ही किया जा सकेगा, यदि कोई प्रत्याशी या संगठन चलते हुए वाहन पर लाउडस्पीकर का उपयोग करना चाहता है, तो उसे संबंधित अनुविभागीय अधिकारी या कार्यपालिक मजिस्ट्रेट से विधिवत अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यदि कोई भी व्यक्ति या समूह इन नियमों की अवहेलना करता पाया जाता है, तो संबंधित ध्वनि विस्तारक यंत्रों को तत्काल जब्त करने की कार्यवाही की जाएगी। यह प्रतिबंध उन लोगों पर लागू नहीं होगा जिन्हें विधि द्वारा विशेष छूट प्रदान की गई है।