जिला अस्पताल मुंगेली बना उम्मीद की किरण

मुंगेली, 15 मई 2026/sns/- कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। इसी कड़ी में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत एक युवक को नया जीवन मिला। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि रायपुर जिले के धरसीवा क्षेत्र का 26 वर्षीय युवक कभी एक कुशल कार मैकेनिक था। मेहनती और सामान्य जीवन जीने वाला यह युवक अचानक मानसिक समस्याओं से जूझने लगा। उसका व्यवहार असामान्य हो गया। महीनों तक न नहाने और कपड़े नहीं बदलने के कारण उसकी हालत बेहद खराब हो गई। अलग-अलग स्थानों पर झाड़-फूंक और पारंपरिक उपचार से भी कोई लाभ नहीं हुआ।
इसी बीच किसी परिचित की सलाह पर परिवार युवक को जिला अस्पताल मुंगेली के मनोरोग विभाग लेकर पहुंचा। जांच में युवक के मानसिक रोग से पीड़ित होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उसका नियमित उपचार और काउंसलिंग प्रारंभ की गई। कुछ ही महीनों में दवाओं और नियमित परामर्श का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा। जो युवक पहले किसी से बात नहीं करता था, वह अब सामान्य रूप से बातचीत करने लगा है। अब वह स्वयं अपनी दिनचर्या संभालता है और सबसे बड़ी बात यह कि वह अपने पिता को बाइक पर बैठाकर खुद इलाज कराने अस्पताल लेकर आता है। युवक के पिता ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने लगभग उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन जिला अस्पताल मुंगेली में मिले निःशुल्क उपचार, विशेषज्ञ परामर्श और संवेदनशील व्यवहार ने उनके बेटे को नई जिंदगी दी है। उन्होंने जिला अस्पताल, मनोरोग विभाग और पूरे स्वास्थ्य स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया।
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. संजय ओबेरॉय ने बताया कि जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम ऐसे परिवारों के लिए संबल है, जो मानसिक रोगों को लेकर भ्रांतियों और अंधविश्वास के कारण सही उपचार से दूर रहते हैं। मानसिक रोग केवल व्यक्ति को ही नहीं, पूरे परिवार को भीतर तक तोड़ देता है। लेकिन समय पर सही उपचार, परामर्श और संवेदनशील देखभाल से जिंदगी फिर पटरी पर लौट सकती है। उन्होंने आमजनों से झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार कराने समझाइश दी है। सही इलाज और सहयोग से मानसिक रोगों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

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