*जनता की पुकार पर तुरंत एक्शन में सांसद बृजमोहन अग्रवाल: कश्मीर दौरे से ही आरंग के ग्राम रीवां की पेयजल समस्या का हल निकालने भेजे अधिकारी
**रात को महिला और बच्ची ने भेजा था मैसेज, सुबह ग्राउंड जीरो पर पहुंचे सांसद के निज सचिव और अधिकारी**5000 की आबादी वाले गांव के लिए तात्कालिक और स्थायी राहत के लिए 5-5 हजार की पानी टंकी लगाने, पाइप लाइन बिछाने व जाँच कर नए बोर लगाने का निर्देश**सीएम साय को लिखा पत्र प्रभावित गांवों में जल आपूर्ति के लिए 148.37 करोड़ राशि प्रदान करने की मांग*रायपुर 25 मई “जनता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है” — इस संकल्प को एक बार फिर चरितार्थ करते हुए रायपुर लोकसभा के लोकप्रिय सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने संवेदनशीलता की एक बड़ी मिसाल पेश की है। जम्मू-कश्मीर के महत्वपूर्ण आधिकारिक दौरे पर होने के बावजूद सांसद श्री अग्रवाल ने आरंग के ग्राम रीवां (विकासखंड-आरंग) की पेयजल समस्या को लेकर रात में आए एक संदेश पर तत्काल संज्ञान लिया और महज कुछ ही घंटों के भीतर ग्रामीणों तक अधिकारी व उनका स्टाफ पहुंच गया। दरअसल, ग्राम रीवां की एक महिला और बच्ची ने रात के समय पेयजल संकट तथा जल जीवन मिशन के तहत बुनियादी ढांचा होने के बावजूद पानी की अनियमित आपूर्ति को लेकर एक संदेश सीधे सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल को भेजा था।सैकड़ों किलोमीटर दूर कश्मीर में मौजूद होने के बावजूद श्री अग्रवाल ने जनता की इस तकलीफ को नजरअंदाज नहीं किया और रात में ही अपने निज सचिव को स्थिति का अवलोकन करने के निर्देश दिए। अगले ही दिन निज सचिव एवं पीएचई विभाग के अधिकारी ग्राम रीवां पहुंच गए।सरपंच और ग्रामीणों के बीच बैठकर बनी तात्कालिक कार्ययोजनासांसद महोदय के निर्देश पर पहुंचे निज सचिव तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने ग्राम पंचायत के सरपंच श्री घसिया राम साहू, भाजपा नेता के के भारद्वाज ,आरंग नगर पालिका अध्यक्ष डॉ संदीप जैन, नसीने जी , ग्राम के उपसरपंच, पंचों और ग्रामीणों के साथ बैठक कर सीधे संवाद किया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि भीषण गर्मी के कारण गांव में जलस्तर लगातार गिर रहा है। गांव के 35 हैंडपंपों में से 5 पूरी तरह सूख चुके हैं, जबकि 25 हैंडपंपों में पानी बेहद कम है। 5 हैंडपंप में सोलर पंप भी अनियमित रूप से कार्य कर रहे हैं। लगभग 5000 की आबादी वाले इस गांव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सांसद श्री अग्रवाल के निर्देश पर मौके पर ही दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।तात्कालिक राहत के रूप में गांव से बाहर स्थित एक मुख्य नलकूप (पंप) के माध्यम से गांव के भीतर 5000-5000 लीटर क्षमता की अतिरिक्त पानी टंकियां तत्काल स्थापित की जा रही हैं, ताकि ग्रामीणों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सके।स्थायी समाधान के रूप में गिरते जलस्तर को देखते हुए नए एवं गहरे नलकूप खनन के लिए GSI (भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण) तथा जियो-टेक टीम के माध्यम से तत्काल सर्वे कर नए “बोर पॉइंट” चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि गांव को भविष्य में स्थायी रूप से पेयजल संकट से मुक्ति मिल सके।*सीएम साय को लिखा पत्र प्रभावित गांवों में जल आपूर्ति के लिए 148.37 करोड़ राशि प्रदान करने की मांग*इसके साथ ही सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर महानदी पर ग्राम बेनीडीह में प्रस्तावित चपरीद एनीकट निर्माण योजना को तत्काल स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है।सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आरंग क्षेत्र के ग्राम रीवा, लखौली, कुकरा, बिरबिरा, बरभाठा, बोडरा, बोरिद, छतौना, चिंचा, राखी, रसनी, रीको, संडी, सेंध, परसदा, पलौद, नवागांव खपरी, देवदा, सौंनपैरी, धमनी, फारफोद, गनोद, नारियरा, कोटनी, कोटराभाठा, कुहेरा सहित आसपास के 33 गांवों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिससे पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।उन्होंने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जल संसाधन विभाग द्वारा रीवा समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत महानदी में ग्राम बेनीडीह में चपरीद एनीकट निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसकी लागत 148.37 करोड़ रुपये है। यह योजना वर्ष 2024-25 के बजट में भी सम्मिलित रही है। इस योजना के माध्यम से प्रभावित गांवों को प्रतिवर्ष लगभग 3 एमसीएम जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।सांसद अग्रवाल ने कहा कि यह परियोजना केवल पेयजल संकट के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र के किसानों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। योजना के माध्यम से लगभग 1198 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ सिंचाई हेतु जल उपलब्ध कराया जा सकेगा तथा 1138 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विस्तार होगा। इससे लगभग 7584 किसानों को सिंचाई सुविधा का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।उन्होंने यह भी कहा कि इस एनीकट के निर्माण से क्षेत्र का भूजल स्तर सुधरेगा तथा आरंग क्षेत्र से महासमुंद जिले के गांवों तक आवागमन और संपर्क भी सुगम होगा। परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें किसी प्रकार का डूब क्षेत्र नहीं बनेगा और न ही किसी निजी, शासकीय, वन भूमि अथवा आबादी पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।*“जनता की तकलीफ में दूरी मायने नहीं रखती” — बृजमोहन अग्रवाल*इस त्वरित कार्रवाई पर दूरभाष के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा: “मेरे रायपुर लोकसभा क्षेत्र का हर एक नागरिक मेरा परिवार है। जब परिवार का कोई सदस्य तकलीफ में हो, तो दूरी मायने नहीं रखती। मैं भले ही दौरे पर राज्य से बाहर हूं, लेकिन मेरा दिल और मेरी प्राथमिकताएं हमेशा अपनी जनता के साथ हैं। रीवां गांव की माता-बहनों और बच्चों को पानी के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रहनी चाहिए।”
