संगमपल्ली की महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया संबल
बीजापुर, 29 मई 2026/sns/- छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी RAMP योजना के अंतर्गत जिला बीजापुर के भोपालपटनम विकासखंड स्थित संगमपल्ली क्लस्टर में हस्तशिल्प (हैंडिक्राफ्ट) सेक्टर हेतु आयोजित तीन दिवसीय सेक्टर स्पेसिफिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 28 मई 2026 को सफलतापूर्वक हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता, स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए उनके पारंपरिक कौशल को आर्थिक मजबूती प्रदान करना था।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की नोडल एजेंसी छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन (CSIDC) रही, जबकि कार्यक्रम का संचालन Choices Consultancy Services Private Limited द्वारा किया गया। प्रशिक्षण में स्वयं सहायता समूह SHG) से जुड़ी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
संगमपल्ली क्षेत्र की महिलाएं लंबे समय से पारंपरिक चूड़ी निर्माण कार्य से जुड़ी हुई हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार, आकर्षक ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग, बाजार से जुड़ाव तथा डैडम् से संबंधित विभिन्न योजनाओं और अवसरों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
प्रशिक्षण के दौरान रायपुर से ऑनलाइन माध्यम से जुड़े मार्केट एक्सपर्ट रोहित शर्मा एवं मार्केट स्पेशलिस्ट मुनमुन जरी ने महिलाओं को संबोधित किया। दोनों विशेषज्ञों ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मेहनत, गुणवत्ता और सही मार्केटिंग रणनीति के माध्यम से गांवों में तैयार होने वाले उत्पाद भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष पहचान बना सकते हैं।
विशेषज्ञों ने महिलाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया मार्केटिंग एवं आधुनिक बाजार व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है। उन्होंने महिलाओं को छोटे स्तर के कार्य को संगठित व्यवसाय और आगे चलकर बड़े उद्यम के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण में शामिल महिलाओं ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें नई जानकारी, आत्मविश्वास और बाजार की समझ प्राप्त हुई है। महिलाओं ने कहा कि अब वे अपने उत्पादों को बेहतर गुणवत्ता और आकर्षक प्रस्तुति के साथ बाजार तक पहुंचाने के लिए अधिक उत्साहित हैं। RAMP योजना के तहत आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने, ग्रामीण हस्तशिल्प कला को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। कार्यक्रम से ग्रामीण महिलाओं में स्वरोजगार एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई उम्मीद जगी है।