जिले में मजबूत हुई पेयजल व्यवस्था

मुंगेली, 30 मई 2026/sns/- तपती गर्मी के बीच जिले में इस वर्ष पेयजल संकट की स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है। जिला प्रशासन की समयपूर्व तैयारी और विभागों के समन्वित प्रयासों से प्रभावित ग्रामों में लोगों को बड़ी राहत मिली है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देश पर दिसंबर माह से ही पेयजल समस्या के समाधान के लिए कार्ययोजना बनाकर काम शुरू कर दिया गया था, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है। पेयजल समस्या की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को संभावित संकटग्रस्त ग्रामों की पहचान करने के निर्देश दिए थे। सर्वे के दौरान मुंगेली, पथरिया और लोरमी विकासखंड के कुल 177 ग्रामों को चिन्हित किया गया, जहां गर्मी के दौरान पेयजल संकट की आशंका थी।
इसके बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जनपद पंचायतों के समन्वय से व्यापक स्तर पर कार्य शुरू किए गए। मुंगेली विकासखंड के 58, लोरमी के 9 तथा पथरिया के 28 ग्रामों में नलकूप खनन कराया गया। वहीं 15वें वित्त आयोग मद से विभिन्न ग्रामों में सिंटेक्स टैंक और पावर पंप स्थापित किए गए। मुंगेली विकासखंड में 38 सिंटेक्स टैंक एवं 65 पावर पंप, लोरमी में 33 सिंटेक्स टैंक एवं 20 पावर पंप तथा पथरिया विकासखंड के 57 ग्रामों में सिंटेक्स टैंक एवं 28 पावर पंप स्थापित कर नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि चिन्हित ग्रामों में कई ऐसे गांव भी शामिल हैं, जहां जल जीवन मिशन के तहत पहले से ही घर-घर नल से जल की सुविधा सुनिश्चित की जा चुकी है। इनमें मुंगेली विकासखंड के ठकुरीकापा, केशलीकला, किरना, बलोदी, भठलीकला, लोरमी के सुकली, ढोलगी तथा पथरिया के किरना, सिलदहा, जरेली, पुटपुरा, खुटेरा, पेण्ड्री और कचरबोड़ जैसे गांव प्रमुख हैं। पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में जिन ग्रामीणों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं इस वर्ष समय पर बनाई गई कार्ययोजना और प्रशासन की सक्रियता से स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने पेयजल व्यवस्था बेहतर होने पर जिला प्रशासन के प्रति संतोष और आभार व्यक्त किया है।

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