नैनो यूरिया के 5 एकड़ खेत में धान गेहूं और सब्जियों की उन्नत खेती में किया सफल प्रयोग

अम्बिकापुर, 05 जून 2026/sns/-  कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और उन्नत उर्वरकों के इस्तेमाल से किसानों को लाभ मिल रहा है। पारंपरिक खेती के तरीकों के साथ नवाचार अपनाकर किसान न केवल अपनी आय बढ़ा रहे हैं, बल्कि अपनी जमीन की सेहत भी सुरक्षित रख रहे हैं। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत बड़ादमाली के प्रगतिशील किसान श्री कपूर सिंह ने ’नैनो यूरिया’ का सफल प्रयोग कर क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए उदाहरण पेश किया है।

5 एकड़ में खेत में किया सफल प्रयोग
खेती-किसानी को कार्य करने वाले श्री कपूर सिंह के पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है। वे मुख्य रूप से धान, गेहूं और विविध साग-सब्जियों की खेती करते हैं। खेती में बेहतर परिणाम और मिट्टी की सुरक्षा की चाह में उन्होंने तरल ’नैनो यूरिया’ का उपयोग शुरू किया। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि, ’’नैनो यूरिया फसलों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। मैंने अपनी धान, गेहूं और सब्जियों की फसल में इसका उपयोग करके देखा है और यह बहुत अच्छा काम करता है।’’ वे बताते हैं कि इसके सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त करने के लिए सबसे जरूरी है कि इसका सही-सही समय पर फसलों पर स्प्रे (छिड़काव) किया जाए। यह सीधे पौधों को पोषण देता है और जमीन को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता।

लागत में कमी और मिट्टी के बंजरपन से मुक्ति
श्री कपूर सिंह ने नैनो यूरिया के उपयोग से होने वाले कई जमीनी फायदों को बताया कि बाजार में उपलब्ध अन्य विकल्पों की तुलना में नैनो यूरिया का दाम काफी कम है, जिससे खेती की लागत घटती है। इसके साथ ही दानेदार उर्वरक के उपयोग से खेतों में जुताई करने से मिट्टी में जो कठोरपन या बंजरपन आ जाता है, नैनो यूरिया के उपयोग से वह समस्या भी कम हो रही है और खेत की उर्वरक शक्ति सुरक्षित रहती है।

किसानों से की अपील
नैनो यूरिया के प्रत्यक्ष लाभ से उत्साहित होकर श्री कपूर सिंह ने अन्य किसानों से भी इसे अपनाने की अपील करते हुए कहा, आप भी ज्यादा से ज्यादा नैनो यूरिया का उपयोग करें। इसका पूरा लाभ लें और अपनी खेती को फायदे का सौदा बनाएं।

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