विश्व पर्यावरण दिवस विशेष

सारंगढ़ बिलाईगढ़, 5 जून 2026/sns/- यह बात सत्य है यह धरती न बहस करती है न समझौता। न ही वह मन में बात रखती है, वह हमें संकेत देती है। जंगलों में आग का लगना, बढ़ता समुद्र का स्तर और 48 डिग्री से ऊपर तापमान।यह सब को देखते हुए केवल शासन की ओर एकटक निहारने के बजाय हमें अपने स्तर पर प्रयास करने की जरूरत है।इसी सोच को सार्थक बनाने के लिए खिचरी स्कूल की शिक्षिका सुनीता यादव के द्वारा एक अनोखी पहल की जा रही है, सीड बाल निर्माण।

 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले के ग्राम खिचरी की शिक्षिका सुनीता यादव ने अपनी पुरानी छात्राओं, गांव की महिलाओं, स्कूल की पालक माताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता,सहायिका सहित बिहान की दीदीयों के साथ सीड बाल निर्माण कार्य का शुभारंभ किया है। गांव की महिलाओं के द्वारा गोबर और मिट्टी को गीला कर के उसके अंदर फलदार वृक्षों के बीज भरकर उसे छोटे-छोटे गेंद का आकार दिया जा रहा है। जैसे ही जुलाई में बारिश शुरू होगी इन सीड बाल को जंगल या खाली जगहों में फेंका या लगाया जायेगा,जिससे नये वृक्ष उग सकें और हमारी प्रकृति हरी भरी रह सके। शिक्षिका का मानना है कि कारण जो भी हो  लेकिन पेड़ तो कट रहे हैं, कंक्रीट के जंगल उग रहे हैं।इसलिए हमें हमारी और आने वाली पीढ़ी के लिए धरती की हरियाली को सहेजकर रखना है,यह हम सबकी जिम्मेदारी है।

सीड बाल मे फलदार व छायादार सरई,साजा,आम नीम नीबु जामुन सीता फल,करंज मुनगा,पीपल,बरगद कटहल आदि के बीज डाले गये हैं।शिक्षिका सुनीता यादव के नेतृत्व में यह पहल न केवल गांव तक सीमित रहे बल्कि आम जनमानस में जागरूकता पैदा करें व नन्हें- नौनिहालों के मस्तिष्क में यह सवेंदना जागे कि” वन है तो जीवन” है। पूर्व सरपंच सुशीला सिदार, मितानिन सोनिया पटेल, पालक उत्तरा निषाद आशा चौहान, बिहान सदस्य भानुमती महंत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गुरबारी चौहान का सहयोगात्मक व्यव्हार रहा। एक लाख सीड बाल निर्माण का लक्ष्य आठ दिन में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है

About The Author