निःशुल्क बिजलीऔर 50% छूट काला भर हेगा जारी
राजनांदगांव, 17 जून2026/sns/- छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नए टैरिफ संशोधन के बीच राजनांदगांव क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। क्षेत्र के चारों जिलों के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा, जिससे बिजली दरों में हुई वृद्धि का असर बेहद सीमित हो जाएगा।
बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक मुफ्त बिजली :-
राजनांदगांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चारों जिलों में गरीबी रेखा के नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले कुल 1,17,661 उपभोक्ताओं को 30 यूनिट तक शासन द्वारा पूरी तरह से निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इस पूरी राशि का वहन राज्य सरकार स्वयं करेगी। जिलेवार लाभान्वित उपभोक्ता इस प्रकार हैं:
· कबीरधाम जिला: 54,886 बीपीएल उपभोक्ता
· राजनांदगांव जिला: 25,000 बीपीएल उपभोक्ता
· मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी जिला: 23,834 बीपीएल उपभोक्ता
· खैरागढ़–छुईखदान–गंडई जिला: 13,941 बीपीएल उपभोक्ता
घरेलू परिवारों के 3.82 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 50% की छूट :-
इसके अतिरिक्त, ‘मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना’ के अंतर्गत चारों जिलों के कुल 3,82,519 घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक की बिजली खपत पर 50 प्रतिशत की भारी छूट मिलती रहेगी। जिलेवार लाभार्थियों का विवरण:
· राजनांदगांव जिला: 1,92,000 उपभोक्ता
· कबीरधाम जिला: 93,010 उपभोक्ता
· खैरागढ़–छुईखदान–गंडई जिला: 62,369 उपभोक्ता
· मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी जिला: 35,140 उपभोक्ता
इन सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के कारण ही चारों जिलों के अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं पर वास्तविक विद्युत दर वृद्धि का असर शून्य से लेकर केवल 3.65 प्रतिशत के बीच ही सीमित रहेगा।
‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना‘ से बिजली बिल न्यूनतम करने का सुनहरा अवसर :-
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी, राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक (ED) श्री शिरीष सेलट ने बताया कि उपभोक्ताओं के पास अपने मासिक बिजली बिल को शून्य या न्यूनतम करने का बेहतरीन अवसर है। इसके लिए ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ के अंतर्गत रूफटॉप सोलर संयंत्र (छत पर सोलर पैनल) की स्थापना पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों स्तरों पर भारी सब्सिडी दी जा रही है।
श्री सेलट ने स्पष्ट किया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं की ग्रिड बिजली पर निर्भरता को कम करना और उनके मासिक ऊर्जा व्यय में बड़ी बचत सुनिश्चित करना है। उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं और पर्यावरण संरक्षण में भी अपना योगदान दे सकते हैं।