राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं के व्यवस्थापन के लिए जिला प्रशासन सख्त लापरवाही पर होगी कानूनी कार्रवाई
मुंगेली, 06 जुलाई 2026/sns/- कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख सड़कों पर विचरण करने वाले आवारा एवं घुमन्तू पशुओं के प्रभावी व्यवस्थापन और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से जनपद पंचायत मुंगेली के सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों एवं मुख्य सड़कों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा बढ़ जाता है, जिससे विशेषकर रात के समय सड़क दुर्घटनाओं और पशुओं की मृत्यु की घटनाएं सामने आती हैं। इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
बैठक में मुंगेली एसडीएम श्री अजय शतरंज, नगर पालिका मुंगेली, जरहागांव एवं बरेला के अधिकारियों, जनपद पंचायत मुंगेली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने निर्णय लिया कि रात्रिकालीन समय में सड़कों पर पशुओं का जमावड़ा रोकने के लिए कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई जाएगी। साथ ही सड़क किनारे प्लेटफॉर्म विकसित कर पशुओं को वहां सुरक्षित स्थानांतरित किया जाएगा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मुंगेली को निर्देशित किया गया कि सड़क किनारे स्थित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं पंचों की बैठक लेकर पशुपालकों को अपने मवेशियों को खुला न छोड़ने और सुरक्षित बांधकर रखने के लिए जागरूक करें। आवास मित्रों को भी जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।
उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. आर.एम. त्रिपाठी ने बताया कि घुमन्तू पशुओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए रेडियम बेल्ट एवं टैगिंग अभियान चलाया जाएगा। इस कार्य में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन सीएमओ जरहागांव ने दिया। वहीं सीएमओ बरेला ने प्लेटफॉर्म निर्माण के लिए शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की बात कही। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि जिले में 30 गौठानों की स्थापना का प्रस्ताव जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा के बाद छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग को भेजा जा चुका है। स्वीकृति प्राप्त होते ही घुमन्तू पशुओं को गौधामों में सुरक्षित रखा जाएगा। बैठक के अंत में स्पष्ट किया गया कि जागरूकता और समझाइश के बाद भी यदि पशुपालक अपने पशुओं को सड़कों पर खुला छोड़ते हैं, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी पशुपालकों से सड़क सुरक्षा और पशु संरक्षण के हित में सहयोग करने की अपील की है।